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कोरोना संक्रमण की जांच को 10 जनपदों में एंटीजन टेस्ट शुरू, 826 नूमनों में से 26 पॉजिटिव

कोरोना संक्रमण की जांच को 10 जनपदों में एंटीजन टेस्ट शुरू, 826 नूमनों में से 26 पॉजिटिव
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  • मुख्यमंत्री योगी ने मेरठ मण्डल में विशेष रूप से गाजियाबाद और नोएडा में एंटीजन टेस्ट का दिया निर्देश

लखनऊ । एएनएन (Action News Network)

प्रदेश में कोरोना संक्रमण की त्वरित जांच और बेहतर इलाज के उद्देश्य से एंटीजन टेस्ट होना शुरू हो गए हैं।

अपर मुख्य सचिव, स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने शनिवार को बताया कि प्रदेश में पहली बार शुक्रवार को मेरठ मण्डल के छह जनपदों और लखनऊ, गोरखपुर, प्रयागराज तथा वाराणसी को मिलाकर कुल 10 जिलों में एंटीजन टेस्ट किए गए। इनमें 826 एंटीजन टेस्ट में 26 की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इनको कोविड चिकित्सालयों में भर्ती करके इलाज किया जा रहा है। इसके साथ ही आज से कानपुर नगर में भी एंटीजन टेस्ट की शुरुआत की जा रही है।

अपर मुख्य सचिव, गृह अवनीश अवस्थी ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ज्यादा से ज्यादा एंटीजन टेस्ट कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि मेरठ मण्डल में विशेष रूप से गाजियाबाद और नोएडा में इस टेस्ट का​ उपयोग किया जाए।

दरअसल पिछले चौबीस घंटों में प्रदेश में कोरोना संक्रमण के कुल 607 नए मामलों में 284 मेरठ मण्डल से हैं, जो 47 प्रतिशत है। इसलिए अब ज्यादा संक्रमण वाले क्षेत्रों में एंटीजन टेस्ट पर जोर दिया गया है। ये टेस्ट फील्ड में भी किया जा सकता है और इससे तुरन्त कोरोना पॉजिटिव मरीज का पता चल जाता है। इसके जरिए ज्यादा सैम्पल संग्रहित करते हुए कोरोना के संक्रमण की चेन को तोड़ने में मदद मिलेगी।

प्रदेश में कोरोना संक्रमण से प्रभावित बड़े शहरों में अब एंटीजेन टेस्ट से संक्रमण की व्यापकता का पता लगाने का काम शुरू कर दिया गया है। इसे इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) ने भी मान्यता दे दी है। बड़े जनपदों में आरटीपीसीआर के साथ यह टेस्ट भी किया जा रहा है।

रैपिड टेस्टिंग किट से रिजल्ट महज 30 मिनट में सामने आ जाता है। हालांकि प्रारंभिक परिणाम 15 मिनट में ही साफ होने लगता है। एंटीजन टेस्ट में श्वास तंत्र के ऊपरी हिस्से में वायरस की मौजूदगी का पता लगाने की कोशिश की जाती है।

इसके लिए नाक के भीतर से नमूना लिया जाता है और उसकी जांच वहीं पर हो जाती है। इसमें नमूने को टेस्टिंग के लिए लैब नहीं भेजना पड़ता है।

आईसीएमआर के निर्देशों में कहा गया है कि रैपिड एंटीजन टेस्ट के लिए सैम्पल प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी ही लेगा और उसके लिए सभी सावधानियां जैसे पीपीई किट वगैरह का ध्यान रखना जरूरी है, नमूने की टेस्टिंग घंटे भर के भीतर ही पूरी की जाएगी।

जिनका रिजल्ट निगेटिव आएगा, उनका फिर आरटी-पीसीआर टेस्ट करवाया जाएगा। पॉजिटिव पाए जाने पर फिर से टेस्ट करने की जरूरत नहीं है। अभी तक कोविड के लिए जो आरटी-पीसीआर टेस्ट होते हैं उसको करवाने में समय थोड़ा ज्यादा लगता है। प्रदेश में इसके साथ ही सभी जनपदों में ट्रूनेट मशीनों के जरिए भी कोरोना जांच की जा रही है।

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