Action India
अन्य राज्य

सौ साल की उम्र में योग से बुजुर्ग महिला ने बुढ़ापे को दी मात

सौ साल की उम्र में योग से बुजुर्ग महिला ने बुढ़ापे को दी मात
X

  • घर में नियमित प्राणायाम के करने पर ये कभी नहीं हुयी बीमार

  • योग गुरू रामदेव के कार्यक्रम से प्रभावित होकर करती है योग

हमीरपुर । एएनएन (Action News Network)

मुस्लिम समुदाय की एक बुजुर्ग महिला ने योग और प्राणायाम के जरिये बुढ़ापे को न सिर्फ मात दी है बल्कि इसने चौथी पीढ़ी के बच्चों के लिये निरोगी जीवन जीने के लिये मिसाल भी कायम की है। सौ साल की उम्र में इस महिला के सामने नाती और पोतों के बच्चों की भी शादी विवाह सम्पन्न हुये है। ये बुजुर्ग महिला आधुनिकता के दौर में भी बड़े ही सादगी से रहते हुये योग गुरु रामदेव बाबा के कार्यक्रम से प्रभावित होकर तीस मिनट तक योगाभ्यास करती है।

हमीरपुर शहर के सैय्यद बाड़ा मुहाल निवासी इकबाल हुसैन की मां ताहिरा बेगम सौ साल की उम्र में भी ये अपना सारा काम खुद करती है। निरोगी जीवन जीने के लिये ये पिछले काफी समय से नियमित योग और प्राणायाम करती है। तीस मिनट तक अनलोम विलोम और अन्य प्राणायाम करने के बाद इनकी दिनचर्या शुरू होती है। इनके एक पुत्र और दो पुत्रियां है। सभी की शादियां भी हो चुकी है।

इकलौते पुत्र इकबाल हुसैन की दो बेटियां है। जिनमें बड़ी बेटी की शादी हो चुकी है। ताहिरा बेगम की दोनों बेटियों के बच्चे भी है जिनके भी विवाह चुके है। ताहिरा बेगम ने बताया कि यदि योग गुरु रामदेव बाबा देश के लोगों को अच्छा और स्वस्थ जीवन जीने का कला सिखा रहे है। जिसमें कोई पैसा भी नहीं लगता है। इसके बाद भी लोग योग प्राणायाम को अपनी जिन्दगी का हिस्सा नहीं बनायेंगे तो ये उनकी बड़ी भूल होगी।

उम्र के आखिरी पड़ाव में भी आंखों की नहीं कम हुई रोशनी

ताहिरा बेगम ने बताया कि सौ साल की उम्र होने के बाद भी आंखों में चश्मा नहीं लगा है। दोनों आंखों की रोशनी अभी भी बरकरार है। बिना चश्मा के कुछ भी पढऩे में कोई दिक्कतें नहीं आती है। बिना किसी के सहारे ये घर में योग के विभिन्न आसन करती है।

इतनी उम्र बीतने के बाद भी इसके सारे दांत भी सही सलामत है। इसने बताया कि संयमित भोजन करने और हरी सब्जी का ज्यादा उपयोग करने से शरीर को ऊर्जा मिलती है। अंकुरित अनाज खाने से भी शरीर भी स्वस्थ रहता है।

तीसरी पीढ़ी के लिये ये बुजुर्ग महिला बनी मिसाल

ताहिरा बेगम मौजूदा में तीसरी पीढ़ी के लिये मिसाल बनी हुयी है। इसने अपने बच्चों के बच्चों की भी शादी देख ली है। परदादी और परनानी बनने का सपना भी पूरा हो गया है। ताहिरा बेगम के पुत्र इकबाल हुसैन ने बुधवार को दोपहर बताया कि माता जी दिन में तीन बार आयुर्वेद काढ़ा पीती है।

उन्होंने बताया कि एक कप गर्म पानी में थोड़ा सेन्धा नमक, तुलसी के पत्ते, आधी चम्मच हल्दी मिलाकर इसे पीने की मां की आदत वर्षों पुरानी है। उन्होंने बताया कि कोरोना वायरस से बचने को ये आयुर्वेद काढ़ा रामबाण है।

Next Story
Share it