अन्य राज्यछत्तीसगढ़

बस्तरवासियों को मिली ‘जनजातीय गौरव वाटिका’ की अनमोल सौगात

रायपुर.

उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा, वन मंत्री  केदार कश्यप और विधायक  किरण सिंह देव ने किया लोकार्पण

शहर की आपाधापी, धूल और शोर-शराबे से दूर, बस्तरवासियों को प्रकृति की गोद में सुकून के पल बिताने के लिए शुक्रवार को एक भव्य और अनमोल ठिकाना मिल गया। बस्तर की समृद्ध जनजातीय विरासत, परंपरा और नैसर्गिक सौंदर्य को एक सूत्र में पिरोने के उद्देश्य से कुम्हड़ाकोट में निर्मित 'जनजातीय गौरव वाटिका' का लोकार्पण छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा, वन मंत्री  केदार कश्यप और विधायक  किरण सिंह देव ने किया। लगभग तीन करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुई यह वाटिका अब जनता के लिए समर्पित कर दी गई है, जो न केवल पर्यटन का नया केंद्र बनकर उभरी है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक अनूठी मिसाल पेश कर रही है।

शुक्रवार शाम आयोजित समारोह में उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री  केदार कश्यप, विधायक  किरण देव के साथ जिला पंचायत अध्यक्ष वेदवती कश्यप और छत्तीसगढ़ बेवरेजेस कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष  निवास मद्दी, सीसीएफ  आलोक तिवारी, स्टायलो मंडावी, संचालक कांगेर वैली सहित अन्य प्रमुख स्थानीय जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।

लोकार्पण के पश्चात उपमुख्यमंत्री और अन्य अतिथियों ने वाटिका का अवलोकन किया। वन मंडलाधिकारी  उत्तम कुमार गुप्ता ने निरीक्षण के दौरान अतिथियों को अवगत कराया कि करीब 25 एकड़ के विशाल क्षेत्र में फैले इस प्रोजेक्ट को शुरुआत में एक हेल्थ पार्क के रूप में परिकल्पित किया गया था, जिसे बाद में एक भव्य वाटिका का रूप दिया गया। उपमुख्यमंत्री ने यहाँ स्वास्थ्य के प्रति जागरूक नागरिकों के लिए बनाए गए 1700 मीटर लंबे वॉकिंग ट्रेल, योगा शेड, योगा ज़ोन और ओपन जिम जैसी आधुनिक सुविधाओं की सराहना की। उन्होंने वॉकिंग ट्रेल के बीच-बीच में बनाए गए 'गपशप ज़ोन' और पारिवारिक आयोजनों के लिए निर्मित पाँच सुंदर पगोड़ा को भी देखा, जो अब पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बन चुके हैं।

वाटिका भ्रमण के दौरान उपमुख्यमंत्री ने यहाँ की 'इको-फ्रेंडली' नीति और 'प्लास्टिक फ्री ज़ोन' के नियम को पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ा कदम बताया। वाटिका के बीच में निर्मित तालाब और आइलैंड ने सभी का मन मोह लिया।

आगंतुकों की सुविधाओं के लिए प्रवेश द्वार पर भव्य पार्किंग और प्रसाधन की व्यवस्था भी सुचारू रूप से शुरू हो गई है। वन विभाग द्वारा भविष्य में यहाँ ट्री-हाउस बनाने और एडवेंचर स्पोर्ट्स शुरू करने की योजना की जानकारी भी दी गई। उपमुख्यमंत्री  शर्मा द्वारा किए गए इस लोकार्पण के साथ ही अब 'जनजातीय गौरव वाटिका' बस्तर के पर्यटन मानचित्र पर एक प्रमुख स्थल के रूप में अंकित हो गई है।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा तथा वन मंत्री  केदार कश्यप द्वारा विभिन्न स्व-सहायता समूहों और हितग्राहियों को कुल 1 करोड़ 22 लाख रुपये से अधिक की राशि के चेक वितरित किए। इस पहल के माध्यम से शासन ने वनांचल में स्वरोजगार को बढ़ावा देने और वन आश्रित परिवारों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया है।

उप मुख्यमंत्री  शर्मा ने 'वृत्त स्तरीय चक्रीय निधि' के तहत महिला स्व-सहायता समूहों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए 1 करोड़ 20 लाख 13 हजार रुपये का ऋण वितरित किया। इसमें सबसे बड़ी राशि बकावण्ड के 'मां धारणी करणी स्व-सहायता समूह' को प्रदान की गई, जिन्हें काजू प्रसंस्करण और विपणन जैसे बड़े कार्यों के लिए 50 लाख रुपये का चेक सौंपा गया। इसी कड़ी में, आसना के 'गोधन स्व-सहायता समूह' को गाय पालन के लिए 34 लाख रुपये की राशि दी गई। इसके अतिरिक्त,  शर्मा ने घोटिया और भानपुरी के समूहों को इमली संग्रहण व प्रसंस्करण के लिए क्रमशः 13.13 लाख और 13 लाख रुपये तथा कोलेंग की समिति को दोना-पत्तल निर्माण हेतु 10 लाख रुपये की राशि वितरित कर स्थानीय उद्यमों को प्रोत्साहित किया।  

कार्यक्रम के दौरान उप मुख्यमंत्री ने मानवीय संवेदनाओं का परिचय देते हुए दुख की घड़ी में पीड़ित परिवार को संबल भी प्रदान किया। उन्होंने 'राजमोहनी देवी तेंदूपत्ता संग्राहक सामाजिक सुरक्षा बीमा योजना' के तहत कुरंदी निवासी कमलोचन नाग को 2 लाख रुपये की बीमा राशि का चेक सौंपा। यह सहायता राशि उनकी पत्नी स्वर्गीय भारती नाग के आकस्मिक निधन के पश्चात स्वीकृत की गई थी। उप मुख्यमंत्री द्वारा किया गया यह वितरण न केवल लाभार्थियों के लिए आर्थिक मदद है, बल्कि बस्तर के सुदूर वनांचलों में रोजगार और सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक ठोस कदम भी है। इस दौरान उपस्थित महिला समूहों के सदस्यों से इमली, काजू के प्रोसेसिंग की गतिविधियों का संज्ञान लेकर बाजार की उपलब्धता एवं मार्केटिंग की व्यवस्था के संबंध चर्चा किए ।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button