
भोपाल मेट्रो का नया चैलेंज: मार्च से शुरू होगा सबसे चुनौतीपूर्ण रैंप का काम, जमीन से आसमान तक दौड़ेगी ट्रेन
भोपाल
शहर में मेट्रो परियोजना के लिए तकनीकी रूप से सबसे महत्वपूर्ण माने जा रहे मेट्रो रैंप निर्माण का काम मार्च से शुरू होने की संभावना है। यह मेट्रो रैंप पुल पातरा और सिंधी कॉलोनी क्षेत्र के पास प्रस्तावित है, जो अंडरग्राउंड और एलिवेटेड मेट्रो कारिडोर को आपस में जोड़ेगा।
मेट्रो ट्रेन भूमिगत सेक्शन से बाहर निकलकर एलिवेटेड ट्रैक पर दौड़ेगी, इसलिए इसका निर्माण पूरे प्रोजेक्ट के लिए बहुत अहम माना जा रहा है। हालांकि, फिलहाल निर्माण की राह में कई अड़चनें हैं। पहली पुल पातरा की ओर टिंबर मार्केट, जो रैंप निर्माण में बाधा बना हुआ है। इसके शिफ्ट होने के बाद यहां सबसे पहले रैंप का निर्माण शुरू किया जाएगा। वहीं, दूसरी सिंधी कॉलोनी क्षेत्र में मकान और दुकानें रैंप के दायरे में आ रहे हैं। यह मामला अभी ज्वाइंट सर्वे में उलझा हुआ है।
मेट्रो प्रबंधन अपनी ओर से सर्वे पूरा कर चुका है, लेकिन जिला प्रशासन की तरफ से सर्वे प्रक्रिया अब तक पूरी नहीं हो पाई है। मेट्रो के अधिकारी बताते हैं कि टिंबर मार्केट की शिफ्टिंग को लेकर गुरुवार को लॉटरी है। इसके बाद टिंबर मार्केट की दुकानें शिफ्ट होने लगेंगी। इसलिए रैंप बनाने के काम की शुरुआत सबसे पहले पुल पतारा से होगी।
ट्रैफिक डायवर्जन के लिए कार्ययोजना की जा रही तैयार निर्माण के दौरान यातायात व्यवस्था को लेकर मेट्रो प्रबंधन ने योजना तैयार करने को कहा है। मेट्रो रैंप निर्माण कार्य के दौरान क्षेत्र में आंशिक ट्रैफिक डायवर्जन किया जाएगा, ताकि आम लोगों को कम से कम परेशानी हो। कुल मिलाकर मेट्रो रैंप निर्माण मेट्रो परियोजना को नई गति देने वाला अहम कदम साबित होगा।
मेट्रो रैंप निर्माण को लेकर टेस्ट पाइल का कार्य जारी है और अतिक्रमण हटने के बाद ज्वाइंट सर्वे किया जाएगा। उम्मीद जताई जा रही है कि अगले सप्ताह ज्वाइंट सर्वे हो सकता है। इसके बाद जिन मकानों और दुकानों का निर्माण कार्य में हस्तक्षेप हो रहा है, उन्हें मुआवजा देकर भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई की जाएगी।
मेट्रो रैंप का निर्माण शुरू होते ही अंडरग्राउंड सेक्शन के काम को भी तय समय सीमा में पूरा करने में मदद मिलेगी। टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) समेत अन्य जरूरी मशीनरी साइट पर पहुंचने लगी है। रेलवे स्टेशन के पास अंडरग्राउंड मेट्रो स्टेशन के लिए खुदाई पहले ही शुरू हो चुकी है।
टनल बोरिंग मशीन के जरिए अंडर ग्राउंड कारिडोर बनाया जाना है।




