Action India
अन्य राज्य

जिले में मिले 5 पॉजिटिव मरीज मिलने से हड़कंप, लैब स्थापित करने की मांग हुई प्रबल

जिले में मिले 5 पॉजिटिव मरीज मिलने से हड़कंप, लैब स्थापित करने की मांग हुई प्रबल
X

बिलासपुर । एएनएन (Action News Network)

प्रवासी मजदूर और लोगों के ट्रैन और अन्य माध्यमों से लगातार जिले में पहुंचने और संक्रमित मरीजों की बढ़ती संख्या ने चिंता को काफी बढ़ा दिया है। वही कोरोना टेस्ट सैंपल की रिपोर्ट आने में हो रही देरी ने इस समस्या को और बढ़ा दिया है। बिलासपुर में कोरोना टेस्ट लैब को लेकर लंबे समय से की जा रही मांग को लगातार स्वास्थ्य मंत्री ने संकेत देकर पूरे करने की बात कही है।

जिले में मिले 5 पॉजिटिव मरीज मिलने से हड़कंप, लैब स्थापित करने की मांग हुई प्रबललेकिन विपक्षी नेताओं का कहना है कि अब तक टेस्ट लैब ना खुलना सवालिया निशान खड़े कर रहा है। इस बीच 20 मई को जिले में कोरोना के 5 पॉजिटिव मरीजों ने चिंता को बढ़ा दिया है। जिनकी टेस्ट रिपोर्ट 3 दिन में आ पाई। इस बीच क्वारेन्टीन सेंटर में ठहरे सभी पॉजिटिव मरीज कई लोगों के संपर्क में आए होंगे? यह वह मरीज थे जो दिल्ली गुजरात से ट्रेन के माध्यम से बिलासपुर पहुंचे थे। अगर बिलासपुर में कोरोना टेस्ट लाइव स्थापित कर दी जाती है तो शायद 3 दिन बाद मिलने वाली जानकारी जल्द मिल जाती और उन्हें उपचार के लिए अस्पताल भेज दिया जाता।

पूर्व स्वास्थ्य मंत्री अमर अग्रवाल ने भी ऐसे ही सवाल प्रदेश सरकार के सामने खड़े किए हैं। पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल का कहना है कि कोरोना समय में राजनीतिक विषय को बोलना नहीं चाहते, लेकिन हाई कोर्ट के निर्देश के बाद भी बिलासपुर में टेस्टिंग लैब प्रारंभ नहीं हो सकी। स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा था कोरोना टेस्टिंग लैब को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने इसका टेंडर जारी कर दिया है। बिलासपुर के साथ अंबिकापुर एवं राजनांदगांव में भी बीएसएल लेवल 2 लैब जल्दी तैयार हो जाएगा। कुछ दिनों पहले ही एक बार फिर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री टी एस सिंहदेव ने बिलासपुर से राजनांदगांव और अम्बिकापुर में लैब स्थापित करने संकेत दिए हैं, लेकिन विपक्षी नेताओं की माने जमीनी हकीकत इससे परे नजर आ रही है।

स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों की माने तो आज तक बिलासपुर में कुल 5068 सैम्पल लिए गए हैं, जिनमें से 2020 सैम्पल निगेटिव आये हैं। जिनमें एक पॉजिटिव मरीज मिला था, जो इलाज के बाद पूर्णतः स्वस्थ है। वहीं बुधवार को जिले के तखतपुर और मस्तूरी से 5 कोरोना संक्रमित मरीज मिलने से ग्रीन ज़ोन के बरकरार रहने पर भी चिंता बन पड़ी है। वहीं सभी का इलाज कोविड19 जिला अस्पताल बिलासपुर में हो रहा है। बिलासपुर के 3009 सैम्पल की आरटीपीसीआर जांच रायपुर एम्स और मेकाहारा रायपुर लेब में लंबित है। इन सब परिस्थितियों को देखते हुए अंदाजा लगाया जा सकता है कि बिलासपुर सहित अंबिकापुर और राजनांदगांव में लैब स्थापित करने की कितनी आवश्यकता है?

Next Story
Share it