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ममता सरकार ने डॉक्टरों से छीना है मृत्यु प्रमाण पत्र पर हस्ताक्षर का अधिकार : भाजपा

ममता सरकार ने डॉक्टरों से छीना है मृत्यु प्रमाण पत्र पर हस्ताक्षर का अधिकार : भाजपा
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कोलकाता। एएनएन (Action News Network)

भाजपा ने पश्चिम बंगाल में तेजी से फैल रहे कोविड-19 महामारी को लेकर आंकड़े छिपाने और डॉक्टरों पर दबाव बनाने का आरोप ममता बनर्जी की सरकार पर लगाया है। भाजपा आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने बंगाल सरकार के आदेश की एक प्रति ट्विटर पर साझा की है। इसमें मुख्यमंत्री का वह आदेश उल्लेखित है जिसमें डॉक्टरों को कहा गया है कि कोविड-19 से होने वाली मौत के मृत्यु प्रमाण पत्र पर मौत की वजह के तौर पर इसका उल्लेख नहीं किया जा सकता।

इस महामारी से मरने वाले के बारे में अंतिम निर्णय सरकार द्वारा गठित एक कमेटी लेगी। अपने तीन ट्वीट में मालवीय ने लिखा है, "पश्चिम बंगाल सरकार ने एक आदेश जारी किया है जिसमें कहा गया है कि कोविड-19 से संक्रमित रोगी के मृत्यु के कारण के रूप में रिपोर्ट में इस महामारी का जिक्र नहीं किया जाएगा। कौन कैसे मरा है इसका फैसला राज्य सरकार द्वारा गठित एक समिति करेगी। ऐसा करके ममता बनर्जी की सरकार ने इलाज करने और मृत्यु प्रमाण पत्र पर हस्ताक्षर करने के डॉक्टरों के अधिकार को छीन लिया है।

स्पष्ट बात है कि हर एक मौत के लिए कमेटी नहीं बैठ सकती, इसलिए उपचार करने वाले डॉक्टर कोविड-19 से होने वाली मौत के बारे में कुछ और लिखने के लिए मजबूर किए जाएंगे। ऐसा तब किया जाएगा जब भले ही रोगी कोविड-19 से संक्रमित हो, रिपोर्ट में उसके पॉजिटिव होने की जानकारी रहे। क्या यह कानूनी या नैतिक तौर पर जायज है? यह कोविड-19 संक्रमण के आंकड़े दबाने की कोशिश है। जब तक मृत्यु प्रमाण पत्र पर मौत की वजह के तौर पर कोविड-19 का जिक्र नहीं किया जाता है, तब तक मृतक का परिवार मुआवजे का दावा नहीं कर सकते हैं।

खास बात यह है कि हाल ही में स्वयं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा गठित डॉक्टरों की टीम ने राज्य में संक्रमण से मरने वालों की कुल संख्या 7 बताई थी, जबकि उनके मुख्य सचिव ने उस आंकड़े को खारिज कर दिया और मौतों का आंकड़ा केवल तीन बताया। ऐसा तब हो रहा है जब ममता बनर्जी राज्य की स्वास्थ्य मंत्री भी हैं।" उल्लेखनीय है कि भारतीय जनता पार्टी के अलावा राज्य की अन्य विपक्षी पार्टियां भी ममता बनर्जी की सरकार पर कोरोना संक्रमण के आंकड़े छिपाने का आरोप लगा रही हैं।

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