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कामगारों के साथ छल करने और सरकार को धोखा देने पर माफी मांगे कांग्रेस: डॉ. दिनेश शर्मा

कामगारों के साथ छल करने और सरकार को धोखा देने पर माफी मांगे कांग्रेस: डॉ. दिनेश शर्मा
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लखनऊ । एएनएन (Action News Network)

उत्तर प्रदेश में प्रवासी कामगारों को पहुंचाने के लिए बसें मुहैया कराने के मामले में उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने कांग्रेस को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने प्रवासी कामगारों के साथ छल करने और प्रदेश सरकार को धोखे में रखने के कारण पार्टी से माफी मांगने की बात कही है। इसके साथ ही उन्होंने राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार को भी कटघरे में खड़ा किया है।

बसों के मामले में शुरुआत से राजनीति कर रही कांग्रेस

उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने बुधवार को प्रेस कान्फ्रेंस में कहा कि कांग्रेस बसें उपलब्ध कराने के मामले में शुरुआत से ही राजनीति कर रही है। जब उनसे लखनऊ में बसें उपलब्ध कराने को कहा गया तो बोला कि बसें नोएडा, गाजियाबाद बार्डर पर हैं। इस पर जब वहीं देने को कहा गया तो उन्होंने कहा कि बसें राजस्थान बार्डर पर हैं। बाद में सामने आया कि जिन बसों को कांग्रेस अपनी ओर से उपलब्ध कराने की बात कह रही है, वह बसें राजस्थान सरकार की हैं।

आपदा के वक्त घिनौनी सियासत कर रही कांग्रेस

डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि पार्टी की ओर से उपलब्ध करायी सूची का विश्लेषण करने पर सामने आया कि 460 वाहन फर्जी हैं। आपदा के वक्त ऐसी घिनौनी सियासत शायद अभी तक किसी राजनीतिक दल ने नहीं की होगी। उन्होंने कहा कि इन 460 बसों में 297 कबाड़ हैं। सड़क पर चलने लायक नहीं हैं, फिटनेस प्रमाण पत्र नहीं हैं। क्या उत्तर प्रदेश सरकार इन बसों का इस्तेमाल करके प्रवासी श्रमिकों की जान से खिलवाड़ करे? 98 बसें तीन पहिया वाहन, कार, एम्बुलेंस आदि हैं। 68 वाहनों के कागज नहीं हैं। बिना कागजों के ये कैसे वाहन हैं?

राजस्थान सरकार की बसों को कांग्रेस ने किस आधार पर किया एकत्र

उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने परिवहन बसों का जो वीडियो बनाया, वह बसें राजस्थान परिवहन विभाग की हैं। ये बसें एक राजनीतिक दल कैसे निजी तौर पर एकत्रित कर सकता है। इन बसों को किस हैसियत से चलाया जाए।

कोटा प्रकरण के समय कहां थी राजस्थान सरकार की बसें

डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि जब कोटा में उत्तर प्रदेश के छात्र भूख से बिलख कर रहे थे, बीमार थे। तब अशोक गहलोत सरकार को दया क्यों नहीं आई। वह इन छात्रों को बसों से कम से कम बार्डर पर ही छोड़ देते। तब ये बसें कहां गई थीं? उन्होंने कहा कि तब उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने 630 बसें भेजकर अपने छात्र-छात्राओं को वापस बुलाया और सुरक्षित तरीके से उनके घरों तक पहुंचाया। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने तब स्वयं योगी सरकार की इस पहल की तारीफ की थी।

सरकार महामारी के समय काम करें या कांग्रेस की सियासत में उलझे

उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि कांग्रेस इस मामले में शुरू से दिग्भ्रमित करने का काम कर रही है। सरकार कोरोना महामारी के समय मरीजों के उपचार में लगे। प्रवासी यात्रियों की सुरक्षित तरीके से पहुंचाये, उनकी स्क्रीनिंग और स्केलिंग करे। उन्हें एकांतवास केन्द्र (क्वारंटाइन सेन्टर) में पहुंचाये। या कांग्रेस की सियासत में उलझकर इस प्रकार के कार्यों में लगे।

राजस्थान सरकार सीधे कर सकती थी मदद

उन्होंने कहा कि राजस्थान सरकार चाहती तो सीधे मदद कर सकती थी। वह राजस्थान में पैदल चल रहे श्रमिकों को इन बसों से पहुंचा सकती थी। इसी तरह पंजाब और महाराष्ट्र से भी बसें भेजी जा सकती थीं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के उत्तर प्रदेश और राजस्थान के विधायक भी सवाल उठा रहे हैं कि इन बसों को खाली भेजने की क्या जरूरत थीं, इनसे प्रवासी श्रमिकों को भेजा जा सकता था।

6.50 लाख से अधिक प्रवासियों को बस से योगी सरकार लाई वापस

उन्होंने कहा कि वास्तव में जितनी बसों की कांग्रेस बात कर रही है, उससे ज्यादा 1,000 ट्रेनों से हम 10,00,000 से अधिक प्रवासी कामागरों को सुरक्षित उत्तर प्रदेश बुला चुके हैं। 6.50 लाख से ज्यादा लोगों को बसों से वापस लाया गया है। उन्होंने कहा कि यूपीएसआरटीसी की 12,000 बसें लोगों को सुरक्षित लाने में लगायी गई हैं। इसके अलावा सभी 75 जनपदों में 200-200 बसें जिलाधिकारियों की निगरानी में हैं।

गुमराह करने के लिए कांग्रेस ने किया नाटक

उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि कांग्रेस ने प्रवासी कामगारों के साथ छल करने के साथ उत्तर प्रदेश सरकार को धोखे में रखा है। इसके लिए उसे सावर्जनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। कांग्रेस ने केवल मीडिया कवरेज में आने और उत्तर प्रदेश के अच्छे कार्यों को प्रभावित करने, गुमराह करने के लिए नाटक किया। इस मामले में कानून अपना काम कर रहा है। नियमों का पालन किया जायेगा।

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