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व्यापारियों ने महापौर से किया लाइसेंस फीस बढ़ाने का विरोध

व्यापारियों ने महापौर से किया लाइसेंस फीस बढ़ाने का विरोध
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देहरादून। एएनएन (Action News Network)

व्यापारी समाज ने महापौर से मिलकर लाइसेंस फीस का विरोध किया। इस पर महापौर ने भी उन्हें उचित कार्यवाही का आश्वासन दिया। महापौर को एक ज्ञापन देकर कहा गया है कि नगर निगम देहरादून द्वारा महानगर देहरादून के सभी व्यापारियों, थ्री व्हीलर, टेंपो, ढाबा, होटल, पेट्रोल पंप, वेडिंग प्वाइंट सभी कारोबारियों पर नगर निगम के भारी भरकम लाइसेंस फीस लगाए जाने का प्रस्ताव विचाराधीन है।

इस संदर्भ में अपने ज्ञापन में व्यापारियों ने कहा कि सभी व्यवसायिक अचल संपत्तियों पर नगर निगम के पूर्व में ही हाउस टैक्स का लगभग 5 गुना भारी भरकम टैक्स लिया जा रहा है। उसी संपत्ति पर लाइसेंस फीस लगाना अव्यवहारिक एवं अवैधानिक है।

वर्ष 2017 में गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स लगाए जाते समय सभी व्यापारियों को यह आश्वासन दिया गया था कि जितने भी टैक्स पूर्व में लगते रहे हैं उन सभी को समाप्त कर एक टैक्स जीएसटी ही देना होगा। लेकिन धीरे-धीरे कई प्रकार के टैक्स खाद्य विभाग द्वारा लाइसेंस, मंडी समिति का लाइसेंस ,श्रम विभाग का लाइसेंस ,बाट एवं माप विभाग का लाइसेंस ,और ना जाने कितने प्रकार के टैक्स अनाप-शनाप रूप से व्यापारियों पर थोप दिए गए हैं।

वर्ष 2000 में केंद्र में अटल बिहारी वाजपेई की सरकार के समय व्यापारियों को इंस्पेक्टर राज से मुक्ति दिलाने के लिए अभियान आरंभ किया गया था जिससे उद्योग एवं व्यापार प्रगति की राह की ओर अग्रसर हो सकें।इस अवसर पर प्रमुख व्यापारी नेता में विनय गोयल (महामंत्री प्रदेश) राजेंद्र गोयल (गढ़वाल प्रभारी) पुनीत मित्तल (प्रदेश कोषाध्यक्ष) राजकुमार अरोड़ा (उपाध्यक्ष) विवेक अग्रवाल (महानगर महामंत्री) के अलावा महावीर प्रसाद गुप्ता, राजकुमार दीवान, मुकुल अग्रवाल उपस्थित थे।

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