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हरेली के अवसर पर 30 ग्राम पंचायतों से होगी गोधन न्याय योजना की शुरुआत

हरेली के अवसर पर 30 ग्राम पंचायतों से होगी गोधन न्याय योजना की शुरुआत
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दुर्ग । Action India News

हरेली के अवसर पर सोमवार को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पाटन ब्लॉक से गोधन न्याय योजना का शुभारंभ करेंगे। पाटन में नवीन थाना भवन सामुदायिक भवन तथा 44 किलोमीटर के पथ वृक्षारोपण का लोकार्पण भी मुख्यमंत्री के हाथों होगा। जिले के तीनों ब्लॉक के 10 ग्राम पंचायत में इस तरह 30 ग्राम पंचायतों से इसकी शुरुआत होगी। 31 जुलाई तक क्रमशः सभी 216 गौठान में गोबर खरीद आरम्भ हो जाएगी।

इस संबंध में कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे के निर्देश के पश्चात आवश्यक तैयारी जिला पंचायत द्वारा की जा रही है। जिला पंचायत सीईओ सच्चिदानंद आलोक ने बताया कि इस संबंध में प्रशिक्षण रविवार को पूरा कर लिया गया है। कलेक्टर ने पाटन ब्लॉक के गौठान का इस संबंध में निरीक्षण भी किया।

प्रदेश के किसानों की समृद्धि के लिए और पशुधन के पूर्ण दोहन के लिए शासन ने महत्वाकांक्षी गोधन न्याय योजना आरंभ की है जो पूरे प्रदेश में 20 जुलाई हरेली के शुभ अवसर पर आरंभ होगी। हरेली के पारंपरिक उल्लास के साथ ही गोधन न्याय योजना का शुभारंभ होगा। इस संबंध में मुख्यमंत्री ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों के कलेक्टरों को निर्देशित किया था।

इसके पश्चात जिले के कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भूरे ने सभी अधिकारियों को गोधन न्याय योजना के क्रियान्वयन के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए हैं। इसके परिपालन में लाइन एजेंसी जैसे कृषि विभाग, सहकारी विभाग एवं पशुपालन विभाग के अधिकारियों ने अपने अधीनस्थों की मीटिंग ली है।

इस संबंध में निगम क्षेत्रों में भी कार्रवाई की जा रही है। गोधन न्याय योजना के माध्यम से गोबर का पूर्ण उपयोग पशुपालक कर पाएंगे और इससे लाभ भी कमा पाएंगे। इसका सबसे उपयोगी पक्ष यह है कि पहाटिया को भी गोधन न्याय योजना से आय मिल सकेगी। जब पहाटिया बर्दी लेकर गौठान में आएंगे तो गौठान में एकत्रित किया गया गोबर पहाटिया का होगा और वे इसका विक्रय कर सकेंगे।

स्व सहायता समूह वर्मी खाद का निर्माण करेंगी। इसकी बड़े पैमाने पर खरीदी की जाएगी। गोधन न्याय योजना के माध्यम से बड़े पैमाने पर गोबर की खरीद होने की उम्मीद है। खरीदे गए गोबर के बेहतर रखरखाव के लिए आवश्यक तकनीकी निर्देश भी गौठान समितियों को दिए गए हैं। इसके साथ ही गौठान में अधिकाधिक वर्मी कंपोस्ट टैंक बनाने के निर्देश दिए गए हैं क्योंकि आने वाले समय में तेजी से गोबर की आवक बढ़ेगी इसके साथ ही कृषि विभाग के अधिकारियों वर्मी कंपोस्ट बनाने की तकनीकी जानकारी से एक बार पुनः स्व सहायता समूह को अद्यतन करा दिया जाए ताकि इस संबंध में किसी तरह की दुविधा ना हो।

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