अन्य राज्यहरियाणा

हरियाणा के मानेसर भूमि घोटाले में सीबीआई कोर्ट ने तय किए आरोप, दो मार्च से होगी नियमित सुनवाई

चंडीगढ़.

पंचकूला स्थित सीबीआई की विशेष न्यायालय ने मानेसर भूमि घोटाले में आरोपी व्यक्तियों के खिलाफ आरोप तय कर दिए हैं। आरोप तय होने के बाद अब इस बहुचर्चित घोटाले में 2 मार्च से नियमित सुनवाई शुरू होने की संभावना है। वहीं, सुप्रीम कोर्ट में स्टे होने के कारण पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा, पूर्व आईएएस राजीव अरोड़ा, एसएस ढिल्लों, छत्तर सिंह और एमएल तायल समेत कई अधिकारियों पर आरोप तय नहीं हो सके।

27 अगस्त 2004 में मानेसर, लखनौला और नौरंगपुर गांवों में भूमि अधिग्रहण की अधिसूचना जारी हुई थी। आरोप है कि बिल्डरों ने भूमि अधिग्रहण का डर दिखाकर किसानों को अपनी जमीन 20 से 25 लाख रुपये प्रति एकड़ के बेहद कम दामों पर बेचने के लिए मजबूर कर दिया गया था। इस मामले में सीबीआई ने पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा समेत कई बिल्डर कंपनियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी।

किसानों को हुआ था इतने का नुकसान
साल 2007 में हुड्डा के मुख्यमंत्री रहते हुए ही सरकार ने उक्त 400 एकड़ जमीन अधिग्रहण से मुक्त कर दी थी. इससे किसानों को उस समय करीब 1500 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ. सीबीआई ने साल 2015 में जांच शुरू की और सितंबर 2018 में हुड्डा समेत 34 आरोपियों के खिलाफ 80 पन्नों की चार्जशीट अदालत में पेश की. अब भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर आरोप तय करते हुए सीबीआई की विशेष अदालत मामले की सुनवाई करेगी. सुप्रीम कोर्ट ने मानेसर लैंड स्कैम में सीबीआई जांच का निर्देश दिया था. अदालत ने पाया कि अधिग्रहण प्रक्रिया को रद्द करने का तत्कालीन हुड्डा सरकार का 2007 का फैसला दुर्भावनापूर्ण था और इसे धोखाधड़ी माना. सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को बिचौलियों द्वारा कमाए गए अनुचित लाभ की जांच करने और राज्य सरकार को “एक-एक पाई वसूलने” का निर्देश दिया था. 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button