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कोरोना खरीद सामग्री मामले में भेजा नोटिस, स्पष्टीकरण के बाद दोषियों पर होगी कार्रवाई : सीडीओ

कोरोना खरीद सामग्री मामले में भेजा नोटिस, स्पष्टीकरण के बाद दोषियों पर होगी कार्रवाई : सीडीओ
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  • विधायकों एवं मंत्रियों की निधि से स्वास्थ्य विभाग ने की घपला, नोटिस भेजा

मथुरा । एएनएन (Action News Network)

मथुरा में लॉकडाउन के दौरान विधायकों एवं मंत्रियों द्वारा कोरोना बचाव सामग्री के लिए एक करोड़ से ज्यादा दी गई रकम को सीएमओ कार्यालय द्वारा दो-तीन गुना अधिक दामों दर्शाने का खुलासा सीडीओ द्वारा किया गया है। इस संबंध में सीडीओ नितिन गौर ने बुधवार को बताया कि नोटिस भेजा गया है, स्पष्टकरण मांगा गया है, स्पष्टीकरण के बाद दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब हो कि कोरोना महामारी को लेकर लॉकडाउन 1 से लेकर 4 तक बलदेव के विधायक विधायक पूरन प्रकाश की निधि से खरीदे गए एक ट्रिपल लेयर मास्क की कीमत 9,85 रुपए दिखाई गई, जबकि विधान परिषद सदस्य की निधि से खरीदे गए ट्रिपल लेयर मास्क की कीमत 15,75 रुपए सीएमओ कार्यालय में दर्शायी गई है। जब सीडीओ नितिन गौर ने जांच कराई तो क्रय मूल्य बाजार की अपेक्षा दो से तीन गुना अधिक पाया गया।

सीडीओ नितिन गौर ने इस पर आपत्ति जताते हुए मथुरा सीएमओ कार्यालय को नोटिस भेजते हुए मंगलवार को स्पष्टीकरण मांगा है। मथुरा सीडीओ नितिन गौर ने सीएमओ कार्यालय को नोटिस जारी कर खरीदे गए सामान के रेट में अंतर का कारण बताने के साथ पूछा है कि कुल कितनी सामग्री खरीदी है, खरीदी गई सामग्री को कुल कितने स्वास्थ्य केंद्रों पर भेजा है और कितनी सामग्री शेष रह गई है। सीडीओ नितिन गौर ने बुधवार को जानकारी देते बताया कि अभी स्वास्थ्य विभाग को नोटिस जारी किया गया है, उनका जवाब आते ही दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।

सीएमओ कार्यालय ने कराई थी सामिग्री उपलब्ध
अब तक मंत्री विधानसभा और विधान परिषद सदस्यों की निधि से मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय को 1.34 करोड़ों रुपए की धनराशि उपलब्ध कराई गई थी। जिसमें पीपीई किट, एन 95 मास्क, बेडशीट, ब्लीचिंग पाउडर, सैनिटाइजर 500उस ,ट्रिपल लेयर मास्क ,इंफ्रारेड थर्मामीटर की खरीद-फरोख्त की गई है।

क्या खरीदा है मुझे ही पता नहीं : विधायक पूरन प्रकाश
विधायक पूरन प्रकाश ने कहा कि हमारे क्षेत्र की बलदेव सीएचसी पर कोई सामान नहीं पहुंचा है, हम अपने स्तर से कोई कोताही नहीं बरतने देंगे। मेरा लेटर सीडीओ को गया था, उसके बाद उन्होंने यह जांच की है। मुझे दुख हुआ कि विधायक निधि के रूपयों का उपयोग हुआ या दुरूपयोग यह जानने का मुझे पूरा अधिकार है।

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