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केन्द्र सरकार धान के समर्थन मूल्य पर राजनीति कर रही: टी एस सिंह देव

केन्द्र सरकार धान के समर्थन मूल्य पर राजनीति कर रही: टी एस सिंह देव
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रायपुर। एएनएन (Action News Network)

पंचायत एवं स्वाध्य मंत्री टी एस सिंह देव ने कहा कि धान खरीदी में राज्य नहीं बल्कि केन्द्र सरकार राजनीति कर रही है। उसकी नीति बहुत भ्रमित करने वाली है। केन्द्र ने धान खरीदी के लिए दो दर निर्धारित किए हैं। लेकिन उत्पादन के आधार पर कोटा का निर्धारण नहीं किया गया है। हमारे मंत्री ने भावनाओं में आर्थिक नाकेबन्दी की बात कही थी। आखिर जब किसानों और आम जनता के साथ अन्याय होगा तो आखिर कोई कितना नियंत्रण करेगा। भावनाओं में जय सिंह अग्रवाल ने आर्थिक नाकेबन्दी की बात कही। टीएस ने बताया कि सिम्स में बहुत सुधार की गुंजाइश है। सबसे पहले सिम्स को यहां से हटाकर कोनी शिफ्ट किया जाएगा। जमीन की तलाश भी खत्म हो चुकी है। वर्तमान बिल्डिंग को जिला प्रशासन के हवाले कर दिया जाएगा।

सोमवार को बिलासपुर में छत्तीसगढ़ भवन में टी एस सिंहदेव ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि किसानों को असमंजस की स्थिति में रहने की जरूरत नहीं है। 2500 रूपए के समर्थन मूल्य में धान की खरीदी होगी। किसी को परेशान होने की जरूरत नही है। सवाल -जवाब के दौरान पंचायत एवं स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित करते समय क्या क्यों नहीं सोचा कि किस राज्य का कोटा कितना होना चाहिए। समर्थन मूल्य दो स्तर 1815 और 1835 रूपए घोषित किया गया है। अब उस दर पर भी खरीदी नहीं हो रही है।यह तो अन्याय है। केन्द्र की नीति ठीक नहीं है। दरअसल राज्य नहीं बल्कि केन्द्र सरकार धान के समर्थन मूल्य पर राजनीति कर रही है। किसानों के साथ ऐसा करना ठीक नहीं है। लेकिन यह तय है कि छत्तीसगढ़ सरकार अपने किसानों को ज्यादा से ज्यादा फायदा देने को दृढ़ प्रतिज्ञ है। लेकिन केन्द्र सरकार ऐसा नहीं होने देना चाहती है।

गौठान अव्यवस्था और शिकायत के सवाल पर टीएस ने कहा कि गौठान किस मंत्रालय या विभाग का हिस्सा होगा, फिलहाल कहना कुछ जल्द बाजी होगी है। लेकिन इसके लिए एक नोडल एजेंसी बनेगी जरूर। लेकिन गौठान को बेहतर बनाने के लिए दो बातों पर ध्यान दिया जाएगा। पहला चारा की व्यवस्था दूसरा चरवाहों की । टीएस ने कहा कि कुछ लोग सुनियोजित तरीके से लावारिश मवेशियों को अच्छी खासी संख्या में गौठान में डाल रहे हैं। दरअसल गौठान योजना को लोग साजिश के तहत विफल करने का प्रयास कर रहे हैं।

टीएस ने कहा कि गौठान डे शेल्टर की नीति पर तैयार की गयी है। कांजी हाउस वाली नीति यहां लागू नहीं है। मंत्री ने बताया कि इस साल 3 हजार गौठान निर्माण करेंगे। ग्राम पंचायत स्तर पर गौठानों के संरक्षण के लिए 13 सदस्यीय समिति का गठन करेंगे। समिति में पदाधिकारी भी होंगे। जनभागीदारी से पशुओं को चारे की व्यवस्था की जाएगी। समितियों को शासन स्तर पर भी पोषित किया जाएगा।

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