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सुभाष बड़थ्वाल की रचना "शिवजि कु डमरु" का मुख्यमंत्री ने किया विमोचन

सुभाष बड़थ्वाल की रचना शिवजि कु डमरु का मुख्यमंत्री ने किया विमोचन
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देहरादून । Action India News

पर्वतीय क्षेत्रों में साहित्यकारों की एक लंबी श्रृंखला है। इसी श्रृंखला में पूर्व दायित्वधारी एवं वरिष्ठ भाजपा नेता सुभाष बड़थ्वाल का नाम भी शामिल है। जननेता होने के साथ-साथ बड़थ्वाल गढ़वाली गीतकार गायक भी हैं।

शुक्रवार को सुभाष बड़थ्वाल की गीत रचना "शिवजि कु डमरु" का विमोचन मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने अपने कैंप कार्यालय पर किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि साहित्यकार समाज की चेतना होता है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने सुभाष बड़थ्वाल को इस रचना के लिए बधाई दी। सुभाष बड़थ्वाल पिछले दो दशक से गढ़वाली गीत रचना मे संलग्न है, वह अब तक एक सौ पच्चीस गीत लिख चुके हैं। इस गीत के लोकार्पण के अवसर पर तमाम अन्य वरिष्ठ लोग भी उपस्थित थे।

धार्मिक भावनाओं से ओतप्रोत इस गीत के लेखक और गायक सुभाष बड़थ्वाल ही हैं और इसे संगीत से संजय कुमोला ने सजाया है। इस गीत मे शिव महिमा को प्रकृति से जोड़ा गया है। इनके गीतों में एक तरफ़ चौखम्भा, कामेट, त्रिशूल जैसे पर्वतों का जिक्र है तो दूसरी तरफ़ भल्लू, भरल, बंदर जैसे पशु और पक्षियों का भी जिक्र है।

प्रकृति के इन प्रति रूपों के साथ-साथ चीड़ - चिनार और ब्रह्म कमल का वर्णन है गीत को महत्वपूर्ण बनाता है। इससे पूर्व समसामयिक विषयों पर लिखने वाले सुभाष बड़थ्वाल के गीतों का लोकार्पण मानव संसाधन विकास मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक कर चुके हैं।

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