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मुख्यमंत्री ने जेल के बंदियों से वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के जरिए की बातचीत

मुख्यमंत्री ने जेल के बंदियों से वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के जरिए की बातचीत
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रायपुर। एएनएन (Action News Network)

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मंगलवार को अपने निवास कार्यालय से प्रदेश की जेलों में परिरूद्ध बंदियों और जेल के अधिकारियों से वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग बातचीत कर रायपुर की केन्द्रीय जेल सहित प्रदेश की पांच केन्द्रीय जेल, जिला और उप जेलों के अधिकारियों और बंदियों से बातचीत की। इस अवसर पर गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू और मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू भी वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग में शामिल हुए।

मुख्यमंत्री ने आज जेलों में बंद एवं विचाराधीन कैदियों की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने जेलों में स्वच्छता, बंदियों के स्वास्थ्य, भोजन व्यवस्था, बंदियों की मुलाकात व्यवस्था, स्वस्थ मनोरंजन, बंदियों को विधिक सहायता और बंदियों की रिहाई तथा जेलों में संचालित लघु उद्योगों की जानकारी अधिकारियों से ली। श्री बघेल ने जेल में काम कर रहे अधिकारी-कर्मचारियों से कहा कि बाहर के लोगों से सामाजिक दूरी बनाके रखें। उन्होंने कहा कि संक्रमण के रोकथाम के उपायों पर कड़ाई से अमल किया जाए। ज्ञातव्य है कि प्रदेश में पांच केन्द्रीय जेल, 12 जिला जेल एवं 16 उप जेल संचालित है। जेलों की कुल आवासीय क्षमता 12 हजार 823 है। जिसके विरूद्ध 1 अप्रैल 2020 की स्थिति 17 हजार 131 बंदी (दंडित 8151 एवं विचाराधीन 8980) परिरूद्ध रहें।

मुख्यमंत्री श्री बघेल ने जेलों में परिरूद्ध बंदियों में कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए बंदियों की प्रारंभिक जांच कराने एवं सभी आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री बघेल ने बंदियों के भोजन व्यवस्था, मुलाकाती व्यवस्था तथा स्वस्थ मनोरंजन आदि के संबंध में भी जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि जेल में बंद सभी बंदियों को नियमानुसार ताजा एवं गर्म भोजन दिया जा रहा है। जेलों में बंदियों को उनके परिजनों से दी जाने वाली मुलाकात पर 14 मार्च 2020 से पाबंदी लगा दी गई है। ऐसी स्थिति में बंदियों को उनके सगे संबंधियों से काॅलिंग सिस्टम के माध्यम से बातचीत करायी जा रही है।

अधिकारियों ने बताया कि माननीय उच्चतम न्यायालय के आदेशानुसार 5 अप्रैल 2020 की स्थिति में कुल 1193 बंदियों को रिहा किया गया है, जिसमें अंतरिम/नियमित जमानत पर 892 बंदी एवं पेरोल पर 255 बंदियों को तथा सजा पूर्ण होने पर 46 बंदियों को रिहा किया गया है। जिलों में परिरूद्ध बंदियों को जेल से रिहा होने के बाद समाज की मुख्यधारा से जोड़ने तथा समाज में सम्मानपूर्वक जीवन-यापन एवं आजीविका चलाने के लिए बंदियों की पुर्नवास की दिशा में जेलों में विभिन्न प्रकार के उद्योग आदि में प्रशिक्षित किया जा रहा है।

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