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लाॅकडाउन को आगे बढ़ाया जाए, ग्रीन जोन में मिले छूट: जयराम ठाकुर

शिमला । एएनएन (Action News Network)

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कोरोना को लेकर लगाए गए लाॅकडाउन को आगे बढ़ाने का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सुझाव दिया है। उन्होंने राज्य के ग्रीन जोन में आने वाले क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियां शुरू करने की भी अनुमति मांगी है। प्रदेश के छह जिले ग्रीन जोन में हैं तथा इन जिलों में एक भी मामला सामने नहीं आया है।

प्रधानमंत्री के साथ सोमवार को वीडियो कांफ्रेंसिग से बातचीत में मुख्यमंत्री ने पर्याप्त संख्या में वेंटीलेटर प्रदान करने का भी आग्रह किया है।
प्रधानमंत्री ने हिमाचल में एक्टिव केस फाईंडिंग अभियान को प्रभावी रूप से चलाने के लिए जयराम ठाकुर के प्रयासों की सराहना की। इस अभियान से प्रदेश के लोगों में इन्फ्लुएंजा जैसी बीमारी के लक्षणों की स्क्रीनिंग करने में सहायता मिली है। उन्होंने सभी राज्यों को कोरोना वायरस महामारी से लड़ने के लिए हिमाचल प्रदेश की इस पहल का अनुसरण करने का आग्रह किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में प्रदेश में 40 व्यक्ति कोरोना पाॅजिटिव हैं, जिनमें से 25 व्यक्ति नेगेटिव पाए जाने के बाद स्वस्थ होकर घर चले गए हैं। इसके अतिरिक्त चार व्यक्ति प्रदेश से बाहर उपचाराधीन है तथा एक व्यक्ति का देहांत हो चुका है। उन्होंने कहा कि शेष 10 व्यक्ति प्रदेश के अस्पतालों में उपचाराधीन है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के किसी भी भाग में गत पांच दिनों में कोरोना वायरस का कोई भी मामला सामने नहीं आया है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य में आर्थिक गतिविधियां आरंभ करने के लिए प्रयास कर रही है। कोरोना महामारी ने प्रदेश में पर्यटन उद्योग को पूरी तरह से प्रभावित किया है। इसी प्रकार राज्य की आर्थिकी में सेब के उत्पादन की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि सेब उत्पाद की सुचारू आवाजाही सुविधा तथा गत्ते के डब्बांे की पर्याप्त आपूर्ति को सुनिश्चित बनाने की आवश्यकता है।
जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश की फार्मास्यूटिकल इकाइयांें में निर्माण शुरू हो गया है तथा देश और विश्व को आपूर्ति की जा रही है। उन्होंने कहा कि लगभग 80 प्रतिशत फार्मास्यूटिकल कंपनियां सूक्ष्म, लघु तथा मध्यम उद्योग क्षेत्र में हैं। इसलिए केंद्र सरकार को रसायन तथा कच्चे माल की सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित बनाने के लिए हर संभव सहायता प्रदान करनी चाहिए।
जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में जांच अनुपात 700 प्रति मिलियन व्यक्ति है, जो देश में सबसे अधिक है। उन्होंने कहा कि एक्टिव केस फाईंडिंग अभियान एक विशेष अभियान है, जिसके तहत 70 लाख लोगों की इन्फ्लुएंजा जैसी बीमारी के लिए 16 हजार कर्मचारियों के दल द्वारा जांच की जा चुकी है, जिसमें आशा कार्यकर्ता, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, पैरा मेडिकल स्टाफ तथा पुलिस कर्मचारी शामिल हैं। सभी इन्फ्लुएंजा जैसी बीमारी से ग्रस्त रोगियों की कोरोना जांच की जा रही है।

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