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युवाओं ने किया ‘कोरोना शांति महायज्ञ’

युवाओं ने किया ‘कोरोना शांति महायज्ञ’
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उदयपुर । एएनएन (Action News Network)

यज्ञ किसी भी निमित्त किया जाए, वह न केवल मन को अपितु वातावरण को भी शुद्ध करता है, एक आध्यात्मिक शीतलता प्रदान करता है। यही कारण है कि सनातन संस्कृति में किसी भी विपदा के समय यज्ञ करने की बात कही गई है जिसका सीधा उद्देश्य यह है कि यज्ञ से व्यक्ति का मानसिक संताप दूर होता है और आत्मबल मजबूत होता है जिससे वह किसी भी तरह की विपदा का सामना मजबूती से कर सकता है।

यज्ञ की इसी विशेषता को ध्यान में रखते हुए अक्षय तृतीया और उदयपुर स्थापना दिव पर रविवार को उदयपुर के आहुति सेवा संस्थान के युवाओं ने ‘कोरोना शांति महायज्ञ’ का आयोजन किया। कोरोना महामारी ने हर व्यक्ति को भीतर तक आशंकित किया हुआ है। यहां तक कि घर में रहते हुए व्यक्ति की मानसिकता भी प्रभावित हो रही है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए संस्थान के युवाओं ने इस यज्ञ में विश्व शांति की कामना को लेकर आहुतियां अर्पित की।

उदयपुर के हिरण मगरी स्थित स्वागत वाटिका में रविवार दोपहर अभिजीत मुहूर्त में हुए इस ‘कोरोना शांति महायज्ञ’ के सम्बंध में संस्थान अध्यक्ष डॉ. विक्रम मेनारिया ने बताया कि पंडित सुरेश त्रिपाठी के सान्निध्य में यह यज्ञ हुआ। यज्ञ के माध्यम से भारत सहित पूरे विश्व के लिए कोरोना महामारी से मुक्ति की कामना की गई। गणपति वंदना से शुरू हुए यज्ञ में अधिष्ठात्री मंगलाकारी मां दुर्गा की आराधना भी की गई। हास्य कवि सिद्धेश्वर सिद्धू ने ‘कोरोना शांति कुरु कुरु स्वाहा मंत्र’ के माध्यम से संपूर्ण विश्व के आरोग्य की मंगल कामना की।

डॉ. मेनारिया ने बताया कि यज्ञ के अंत में ‘ओम जयति मंगलाकारी भद्रकाली कपालिनी, दुर्गा क्षमा शिवाधात्री स्वाहा स्वधा नमोस्तुते’ मंत्र की 11 आहुतियां देते हुए परम पिता परमेश्वर से कोरोना से मुक्ति की कामना की गई। यज्ञ का समापन कल्याण मंत्र व शांति पाठ से हुआ। मास्टर उन्नयन, कनक कुमार जोशी ने भी विश्व शांति महायज्ञ में आहुतियां दीं। इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग की पालना के साथ मुंह पर मास्क भी बांधे रखे गए।

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