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ब्रिटेन के लोगों को कोरोना का खौफ,दिल का दौरा पड़ने से एक दिन में 85 लोगों की मौत

ब्रिटेन के लोगों को कोरोना का खौफ,दिल का दौरा पड़ने से एक दिन में 85 लोगों की मौत
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नई दिल्‍ली । एएनएन (Action News Network)

ब्रिटेन में अबतक लगभग 1 लाख 4 हजार कोरोना वायरस के केस दर्ज हो चुके हैं जबकि इस वायरस से 13755 मरीजों की मौत हो चुकी है। इंग्लैंड की स्वास्थ्य मंत्री नदीन डॉरिस खुद भी कोरोना पॉजिटिव पाई गई थीं और इलाज के बाद अब ठीक हैं। ब्रिटेन में पीएम बोरिस जॉनसन के अलावा सीनियर स्वास्थ्य मंत्री मैट हैकॉक भी कोरोना से बीमार हो चुके हैं।

ब्रिटेन में के लोगों के ऊपर कोरोना वायरस का डर कुछ ज्यादा ही देखने को मिल रहा है। यह खौफ लोगों के बीच इस कदर है कि कई लोगों को डर से दिल का दौरा पड़ जा रहा है. लोगों को हॉस्पिटल में भर्ती करवाने से पहले ही उनकी मौत हो जा रही है. ब्रिटेन के हेल्थ डिपार्टमेंट ने अपने बयान में यह कहा कि कई ऐसे केस दर्ज किये गए है जिसमे लोगों की मौत दिल का दौरा पड़ने से हुआ है और हॉस्पिटल जाने से पहले से घर में ही उनकी मौत हो गई थी।

लंदन के एक रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि लंदन में 80 फीसदी मौतें ऐसी हो रही हैं, जिसमें पीड़ित तक मेडिकल हेल्प पहुंचने से पहले ही उनकी मौत हो जा रही है। डॉक्टर ने बताया की लोग डर में जी रहे हैं। लंदन के लोग इमरजेंसी हेल्प में भी कॉल करने से डर रहे है, उनके बीच इतना डर है कि कहीं वह हॉस्पिटल गए तो उन्हें कोरोना का संक्रमण हो सकता है। कुछ लोग नेशनल हेल्थ सर्विस पर बोझ नहीं बढ़ाने के मकसद से फोन नहीं करते और अपनी जान गंवा रहे हैं।

पिछले हफ्ते लंदन में डॉक्टरों की हुई एक मीटिंग के कुछ दस्तावेज में कहा गया था कि 4 और 5 अप्रैल के दौरान दिल का दौरा पड़ने की सूचना देने के लिए इमरजेंसी सेवा 999 की कॉल करने की दर में तीनगुना इजाफा हुआ है। ब्रिटेन में मौत के मामले ज्यादा हो सकते हैं। आधिकारिक आंकड़े के अनुसार कोरोना से अबतक 12 हजार मौतों की पुष्टि हुई है। लेकिन अब कहा जा रहा है कि ये आंकड़े ज्यादा भी हो सकते हैं।

ब्रिटेन की हेल्थ डिपार्टमेंट ने अपने एक बयान में कहा कि लंदन में एक दिन में 85 दिल का दौरा पड़ने के मामले कोरोना वायरस के संक्रमण की वजह से हुए, जिसमें लोगों की मौत हो गई। एक हफ्ते में करीब 2600 मौत के मामले कोरोना वायरस से संबंधित नहीं हैं। 3 अप्रैल तक इंग्लैंड और वेल्स में एक हफ्ते में मौत के 16,387 मामले दर्ज हुए हैं।

मौत के 2600 मामलों में कोरोना वायरस का जिक्र तक नहीं है। इसका मतलब है कि मरीजों की मौत दूसरी वजहों से हुई है। डॉक्टर बता रहे हैं कि कुछ गंभीर बीमारियों जैसे- किडनी की बीमारी, दिल की बीमारी और कैंसर के मरीज हॉस्पिटल में कोरोना वायरस के संक्रमण के डर में भर्ती नहीं हो रहे हैं। घरों में कैद लोग ज्यादा अल्कोहल लेने लगे हैं, ज्यादा स्मोक करने लगे हैं, इसकी वजह से भी हेल्थ प्रॉब्लम बढ़ रही है।

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