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जून-जुलाई में कहर ढाएगा कोरोना : आचार्य राजेश

जून-जुलाई में कहर ढाएगा कोरोना : आचार्य राजेश
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बांदा । एएनएन (Action News Network)

कोरोना महामारी का भारत में चरमकाल 12 जून से 9 जुलाई के मध्य रहेगा। इस दौरान देश में श्रमिक, मजदूर और किसान चपेट में आएंगे। यह बात भारतीय धर्म दर्शन एवं ज्योतिष विज्ञान के अध्ययेता आचार्य राजेश जी महाराज ने बातचीत के दौरान कही।

आचार्य ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की कुण्डली में बुध व गुरू ग्रह वक्री हैं। वहीं 14 मई को गुरू तथा 18 जून को बुध गोचर में वक्री हो रहे हैं। यह ग्रह योग लॉकडाउन 4 के काल से आगे प्राकृतिक आपदा आदि चुनौती के बावजूद देश में आर्थिक प्रगति, राष्ट्रीय-अन्तरराष्ट्रीय स्तर निवेश, स्वदेशी उत्पाद एवं आत्मनिर्भरता की ओर भारतवर्ष को सबल एवं समृद्ध बनाने वाली होगी। लेकिन 30 जून व 28 जुलाई आने तक देश में अशान्ति, आंधी-तूफान, वर्षा, बाढ़, अग्निकाण्ड, लू, सैन्य विवाद, मार्ग दुर्घटनाएं आदि देखी जाएंगी। देश में कोरोना महामारी से संक्रमित लोगों का ग्राफ दोगुनी रफ्तार से बढ़ेगा। मरने वालों की संख्या बढ़ेगी।

उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर भारत, दक्षिण, मध्य भारत तथा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के साथ ही पश्चिम बंगाल, बिहार, असम, त्रिपुरा, उड़ीसा, तमिलनाडु, तेलंगाना, केरल, कर्नाटक, महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखण्ड, हिमांचल प्रदेश तथा दिल्ली में कोरोना का व्यापक असर देखा जाएगा। ज्योतिषाचार्य ने बताया कि ज्योतिष गणना के अनुसार कोरोना अलर्ट 6 जून से 21 जून व 5 जुलाई से विशेष सतर्क रहने की आवश्यकता है। 21 जून को लगने वाले सूर्यग्रहण के प्रभाव से कोरोना महामारी की मारकता में वृद्धि एवं भूकम्प, प्राकृतिक प्रकोप व मार्ग दुर्घटना आदि की सम्भावना है।

उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री की जन्मपत्री में बुद्ध एवं शुक्र वक्री हैं। यह स्थिति कोरोना महामारी पर भारत को महाविजय से आर्थिक सबल एवं समृद्ध भारत की ओर ले जाने में सहायक सिद्ध होगी। अन्तरराष्ट्रीय सामाजिक सौहार्द्र एवं विश्व शान्ति के लिए वर्ष 2021-22 में प्रधानमंत्री को नोबल पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।

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