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अमेरिका में सामाजिक दूरियों संबंधी दिशा निर्देश 30 अप्रैल तक बढ़ाए गए

अमेरिका में सामाजिक दूरियों संबंधी दिशा निर्देश 30 अप्रैल तक बढ़ाए गए
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  • ब्लड प्लाज़्मा के उपयोग का सार्थक लाभ हो रहा है

  • एबट लेबोरेटरी टेस्टिंग की नई तकनीक से पांच मिनट में रिज़ल्ट

  • अमेरिका के 50 राज्यों में क़रीब डेढ़ लाख लोग संक्रमित, क़रीब 2500 लोग मरे

वाशिंगटन ।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सामाजिक दूरी संबंधी दिशा निर्देशों की तिथि 30 अप्रैल तक बढ़ा दी है। उन्होंने कहा है कि अमेरिका में कोरोनावायरस क़हर की चरम सीमा ईस्टर तक आएगी और प्रशासन की ओर से पूरी कोशिश की जा रही है कि अधिकाधिक लोगों की जानें बचाई जा सके। अमेरिका में रविवार की सायं तक एक लाख 41 हज़ार 559 लोग संक्रमित हुए हैं और 2469 लोगों की जाने जा चुकी हैं।उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि एक जून तक कोरोना से स्थिति सामान्य होने के संकेत है। साथ ही उन्होंने यह आशा भी जताई कि उनके वैज्ञानिक इस घातक संक्रामक रोग से अमेरिका में मरने वालों की संख्या जो 22 लाख बता रहे हैं, उस पर हर संभव नियंत्रण किया जा सकेगा।

इसके लिए मेडिकाल साज सामान, हज़ारों की तादाद में वेंटीलेटर, लाखों की तादाद में फ़ेस मास्क और हैंड ग्लोव का बंदोबस्त किया गया है। आर्मी इंजीनियर कोर ने कैलिफ़ोर्निया में साढ़े तीन दिन में 2900 बिस्तरों का अस्पताल बना दिया है, तो न्यू यॉर्क में नो सेना का समुद्री अस्पताल न्यू यॉर्क पहुँच गया है, जिसमें एक हज़ार बिस्तर तथा बारह आपरेशन थिएटर हैं। उन्होंने कहा कि सीनेट ने जो 2.3 खरब डालर के आर्थिक पैकेज की स्वीकृति दी है, उसमें छोटी व्यापारिक इकाइयों को तीन सौ अरब डालर दिए जा रहे हैं ताकि मज़दूर रोज़गार छोड़ कर भागे नहीं।

दुनिया भर में कोरोना से मृत्यु का सिलसिला जारी है। पिछले 24 घंटों में कोविड-19 से 3076 मौतें हुई है। इससे रविवार की सायं तक सात लाख 21 हज़ार 51 लोग संक्रमित मरीज़ हो चुके है, जबकि इस घातक संक्रमण से 33 हज़ार 881 लोग जानें गँवा चुके है। इटली में पिछले 24 घंटों में 756 (कुल 6803 ) मौतें हुई हैं तो स्पेन में 821 मौतें हुई है।

स्पेन में रविवार तक 6875 मौतें हो चुकी हैं। व्हाइट हाउस में रविवार की सायं प्रेस काँफ़्रेंस में ट्रम्प ने कहा कि कोरोना वायरस से स्वस्थ हो चुके मरीज़ों के ब्लड प्लाज़्मा कोरोना के छह मरीज़ों को आई वी से दिया गया और सभी पूर्णतया स्वस्थ और तंदूरस्त हैं। उन्होंने कहा कि सन 1918 के स्पेनिश फल्यू के समय गंभीर रूप से मरीज़ों को ब्लड प्लाज़्मा चढ़ाया गया था और उसके बेहतरीन परिणाम आए थे। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि कोरोना निरोधक वैक्सीन के लिए अमेरिकी कंपनियों की ओर से बड़ी तेज़ी से काम हो रहा है।

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