Top
Action India

योगी सरकार के रिकवरी अध्यादेश को राज्यपाल से मंजूरी न देने की अपील

योगी सरकार के रिकवरी अध्यादेश को राज्यपाल से मंजूरी न देने की अपील
X

लखनऊ। एएनएन (Action News Network)

भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (माले) ने योगी सरकार के रिकवरी अध्यादेश को उत्तर प्रदेश के राज्यपाल से मंजूरी न देने की अपील की है। पार्टी ने असमय बारिश और ओलों से किसानों के हुए नुकसान पर ठोस मदद पहुंचाने की मांग भी की है।

पार्टी के राज्य स्थायी समिति (स्टैंडिंग कमेटी) के सदस्य अरुण कुमार ने शनिवार को यहां कहा कि योगी सरकार का रिकवरी अध्यादेश अलोकतांत्रिक है। उन्होंने कहा कि इससे राज्य की निरंकुश शक्तियों में इजाफा होगा जिसका उपयोग नागरिक प्रतिवादों को कुचलने के लिए किया जाएगा।

इसे काला अध्यादेश बताते हुए भाकपा (माले) ने राज्यपाल से इसे मंजूरी न देने की अपील की है। इसके अलावा, पार्टी ने वसूली के लिए सीएए-विरोधियों की लखनऊ में लगे होर्डिंग मामले में हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक से बैरंग लौटाए जाने के बाद योगी सरकार द्वारा लाये गये अध्यादेश को अपने गैर-संवैधानिक व गैर-कानूनी कृत्य को जायज ठहराने की निरशोन्मत्त कोशिश करार दिया है।

अरुण कुमार ने प्रदेश में बेमौसम हो रही बारिश और ओलों से किसानों को हुए नुकसान की भरपाई करने तथा इस प्राकृतिक आपदा से हुई मौतों में मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता देने की मांग की है। भाकपा (माले) नेता का कहना है कि किसानों पर असमय बारिश-ओला के रूप में आसमान से बरसी आफत पर त्वरित व ठोस मदद पहुंचाने की जगह प्रदेश सरकार मदद देने का दिखावा भर कर रही है, जबकि रबी-तिलहन-दलहन से लेकर आम उत्पादकों तक को भारी नुकसान उठाना पड़ा है।

पार्टी ने पेट्रोल-डीजल पर तीन-तीन रुपये प्रति लीटर एक्साइज-सेस बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा है। इस फैसले को घोर जनविरोधी बताते हुए अरुण कुमार ने कहा कि इसके बजाय सरकार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल मूल्य में गिरावट का लाभ सीधे उपभोक्ताओं को देकर महंगाई की मार को कम करने में उनकी मदद करनी चाहिए थी।

Next Story
Share it