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कोरोना संकट : मजदूरों को राशन न मिलने पर धरने पर बैठे विधायक राकेश सिंघा

शिमला । एएनएन (Action News Network)

कोरोना संकट के बीच माकपा विधायक राकेश सिंघा सोमवार को राजधानी शिमला में उपायुक्त कार्यालय में धरने पर बैठ गए। उनका आरोप था कि शहर में हज़ारों मजदूरों को राशन प्रदान करने में प्रशासन नाकाम रहा है। लॉकडाउन में फंसे मजदूरों की कोई सुध नहीं ली जा रही है। मजदूरों को खाने के लाले पड़ गए हैं, लेकिन सरकार व प्रशासन अपनी जिम्मेदारी निभाने में नाकाम साबित हुआ है।

एसडीएम शहरी कार्यालय के गेट पर बैठे माकपा विधायक की शहर के नायब तहसीलदार के साथ भी जमकर तकरार भी हुई। नायब तहसीलदार ने विधायक पर राजनीति करने का आरोप जड़ दिया। इससे विधायक राकेश सिंघा आग बबूला हो गए और नायब तहसीलदार पर जमकर गुब्बार निकाला। मौके पर पहुंची एसडीएम शहरी नीरज चाँदला ने नायब तहसीलदार को अलग कर मामला संभाला। राकेश सिंघा ने आरोप लगाया कि बाहरी राज्यों के हज़ारों मजदूर शहर में फंसे हैं, जिन्हें प्रशासन द्वारा पर्याप्त राशन नहीं दिया गया है।

विधायक के मुताबिक शिमला में मिडल बाजार स्थित जामा मस्जिद में 129 कश्मीरी मजदूरों की लॉकडाउन के एक महीने में प्रशासन ने कोई खबर नहीं ली है। प्रशासन व पुलिस के अधिकारी 31 मार्च को इन मजदूरों के पास गए और इन्हें सोशल डिस्टेंसिंग में रहने की हिदायत देकर वापिस आ गए। सिंघा ने कहा कि उनका धरना तब तक जारी रहेगा, जब तक प्रशासन मजदूरों को राशन नहीं मिल जाता और जरूरत पड़ने पर वह आमरण अनशन करने से भी पीछे नहीं हटेंगे।

इस बीच एसडीएम शहरी नीरज चांदला ने बताया है कि प्रशासन शेड्यूल के मुताबिक जरूरतमंदों को राशन उपलब्ध करवा रहा है। जामा मस्जिद में रह रहे कश्मीरी मजदूरों को भी राशन के लिए पूछा गया था, लेकिन इन लोगों का यह कहना था कि वे अपने घर कश्मीर जाना चाहते हैं तथा प्रशासन उन्हें वहां भिजवाने की व्यवस्था करे। उन्होंने कहा कि प्रशासन द्वारा शहर में गरीब मजदूरों को चिन्हित कर उन्हें राशन उपलब्ध करवाया जा रहा है।

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