Top
Action India

भारतीय मजदूर संघ ने रक्षा क्षेत्र में एफडीआई की सीमा बढ़ाने का किया विरोध

भारतीय मजदूर संघ ने रक्षा क्षेत्र में एफडीआई की सीमा बढ़ाने का किया विरोध
X

नई दिल्ली । एएनएन (Action News Network)

विश्व के सबसे बड़े मजदूर संगठन ‘भारतीय मजदूर संघ’ (बीएमएस) ने रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की सीमा को बढ़ाने के केंद्र सरकार के फैसले का विरोध किया है। बीएमएस ने संकल्प लिया कि जब तक सरकार निजीकरण का निर्णय वापस नहीं लेती तब तक विरोध जारी रहेगा। बीएमएस दिल्ली प्रदेश के महामंत्री अनीश मिश्रा ने केंद्र सरकार द्वारा आर्मी बेस वर्कशॉप, नेवल बेस वर्कशॉप, एयर बेस वर्कशॉप आदि रक्षा क्षेत्र की उत्पादन इकाइयों का निजीकरण किया जा रहा है। इसके खिलाफ बीएमएस के कार्यकर्ताओं ने आज 505 आर्मी बेस वर्कशॉप, दिल्ली कैंट में विरोध-प्रदर्शन किया गया। बीएमएस की औद्योगिक इकाई भारतीय प्रतिरक्षा मजदूर संघ के सचिव वीरेंद्र शर्मा ने विरोध-प्रदर्शन का नेतृत्व किया। इस दौरान बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित थे।

प्रदेश महामंत्री मिश्रा ने कहा कि सरकार द्वारा रक्षा क्षेत्र की जिन इकाइयों का निजीकरण किया जा रहा है, उनका विशेष सामरिक महत्व है। ये सभी इकाइयां सेना के लिए पिछले अनेक वर्षों से उत्पादन करती आई हैं। कई इकाइयों का इतिहास तो 100 वर्ष से भी अधिक पुराना है। प्रतिरक्षा के क्षेत्र में निजीकरण देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ होगा। रक्षा क्षेत्र में किसी भी प्रकार के निजीकरण और निगमीकरण के विरुद्ध बीएमएस किसी भी हद तक जाएगा। उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार ने रक्षा क्षेत्र में एफडीआई की सीमा 49 से बढ़ाकर 74 फीसदी करने का ऐलान किया था। केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा था कि रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता लाने के लिए मेक इन इंडिया को बल देना जरूरी है और भारत ने इस दिशा में कई कदम उठाए हैं। हथियारों की लिस्ट को नोटिफाइ किया जाएगा और आयात पर प्रतिबंध लगाया जाएगा।

Next Story
Share it