
सत्र में दिल्ली के मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए: देवेन्द्र यादव
टीम एक्शन इंडिया
नई दिल्ली: दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने कहा कि अरविन्द केजरीवाल के इस्तीफे के बाद 26 सितम्बर से शुरू होने वाले विशेष विधानसभा सत्र में दिल्ली के मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए, क्योंकि पूर्व मुख्यमंत्री केजरीवाल के जेल में रहने के कारण पिछले 8 महीनों से कोई कैबिनेट की बैठक भी नहीं हुई है, जिससे पिछले एक साल से भी अधिक समय से दिल्ली की मासूम जनता की परेशानियों का हल निकालने के लिए कोई फैसला नहीं लिया गया।
देवेन्द्र यादव ने कहा कि आतिशी को उपराज्यपाल के निदेर्शानुसार नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक के निष्कर्षों पर चर्चा करने के लिए विधानसभा में 11 लंबित सीएजी रिपोर्ट पेश करनी चाहिए, जो केजरीवाल सरकार के अपारदर्शी वित्तीय लेनदेन को उजागर करेंगी।
विभिन्न विभागों द्वारा धन के दुरुपयोग का मामला सार्वजनिक हो गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री शपथ समारोह के बाद पहले प्रेसवार्ता, जंतर मंतर पर लगने वाली अदालत की तरह कहीं विधानसभा सत्र भी अरविन्द केजरीवाल को महान बनाने का मैदान बनकर न रह जाए।
देवेन्द्र यादव ने कहा कि विधानसभा सत्र में बढ़ते वायु प्रदूषण से निपटने, टूटी सड़कों की कार्पेटिंग, नालों और सीवरों से गाद निकालने के मामले, मूल्य वृद्धि को नियंत्रित करने, नागरिक बुनियादी ढांचे में सुधार, बुजुर्गों विधवाओं की पेंशन, पानी की कमी, बढ़े हुए बिजली बिल, जल जनित डेंगू, मलेरिया और चिकुनगुनिया जैसी जनित बीमारियाँ को नियंत्रित करने के लिए सहित ऐसे अन्य मुद्दे के तत्काल उपाय करने पर सार्थक चर्चा होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि दिल्ली में पिछले 10 वर्षों में उद्देश्य विहीन और दिशाहीन की आम आदमी पार्टी की सरकार है, जिसके पूर्व मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल, उपमुख्यमंत्री सिसौदिया और अत्यधिक मंत्री और विधायक खुद को जेल से बचाने के लिए अदालती मुकदमे लड़ने में व्यस्त हैं।




