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गुरुद्वारा रकाबगंज में दंगा मामले में मनजिंदर सिंह सिरसा और मनजीत सिंह जीके समेत 5 लोग बरी

गुरुद्वारा रकाबगंज में दंगा मामले में मनजिंदर सिंह सिरसा और मनजीत सिंह जीके समेत 5 लोग बरी
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नई दिल्ली। एक्शन इंडिया न्यूज़


दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने 2012 में गुरुद्वारा रकाबगंज में दंगा करने के एक मामले में शिरोमणि अकाली दल के नेता मनजिंदर सिंह सिरसा और मनजीत सिंह जीके समेत पांच लोगों को बरी कर दिया है। एडिशनल चीफ मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट सचिन गुप्ता ने कहा कि अभियोजन आरोपितों के खिलाफ आरोप साबित करने में विफल रहा है।


कोर्ट ने दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (डीएसजीएमसी) की 15 नवंबर, 2012 को बैठक के दौरान दंगा करने और दूसरों को चोट पहुंचाने के आरोपितों सिरसा, मनजीत सिंह जीके, कुलदीप सिंह भोगल, परमजीत सिंह राणा और चमन सिंह को बरी करने का आदेश दिया। इनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 147, 148, 323, 325 और 427 के तहत आरोप लगाए गए थे।

गुरुद्वारा रकाबगंज साहिब में दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधन समिति की एक बैठक बुलाई गई थी। बैठक की अध्यक्षता परमजीत सिंह सरना कर रहे थे। इस मामले की शिकायत दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के तत्कालीन जनरल मैनेजर राम सिंह ने की थी। राम सिंह के मुताबिक इन सभी आरोपितों और दूसरे लोगों ने दंगा फैलाने के मकसद से जमा हुए और हिंसा की और तलवार जैसे घातक हथियारों का इस्तेमाल किया था। पुलिस ने कहा था कि आरोपितों ने डीएसजीएमसी की संपत्तियों को भी नुकसान पहुंचाया था।

इस हिंसा के दौरान एस निर्मल सिंह गंभीर रूप से घायल हुए थे और एस सुरमेल सिंह और एस बचित्तर सिंह को हल्की चोटें आई थीं। इस मामले में 12 गवाहों के बयान दर्ज किए गए थे। कोर्ट ने पाया कि अभियोजन ने जो केस बनाया था वह शिकायतकर्ता राम सिंह के बयानों से अलग था। इसके अलावा घायल लोगों बचित्तर सिंह, सुरमेल सिंह और निर्मल सिंह के भी बयान अलग थे।

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