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केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद के आरोपों पर 'आप' का पलटवार, सिसोदिया ने कहा भारतीय झगड़ा पार्टी

केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद के आरोपों पर आप का पलटवार, सिसोदिया ने कहा भारतीय झगड़ा पार्टी
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नई दिल्ली । एक्शन इंडिया न्यूज़

केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार के बीच तल्खी कम होने का नाम नहीं ले रही है। आम आदमी पार्टी का आरोप है कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) राज्य सरकारों के कार्यों में लगातार हस्तक्षेप कर रही है। जिससे बेहद अराजक स्थिति बन गई है।

शुक्रवार को उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद की तरफ से दिल्ली सरकार की 'घर घर राशन योजना' पर उठाये सवालों का जवाब दिया है। सिसोदिया ने बिना नाम लिए कहा कि ' अभी मैंने केंद्र सरकार के एक मंत्री की प्रेस कॉन्फ्रेंस देखी जिसमें वो दिल्ली सरकार की खामियों को गिनवा रहे थे। मुझे लगता है केंद्र सरकार के मंत्रियों के पास अब कोई काम नहीं है। केंद्र सरकार और भाजपा राज्यों से लड़ने में व्यस्त हैं ये कभी ममता जी से लड़ते हैं कभी केजरीवाल जी से कभी महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री से तो कभी झारखंड के मुख्यमंत्री से लड़ रहे हैं। इसी वजह से आज भाजपा का नाम भारतीय झगड़ालू पार्टी हो गया है।

सिसोदिया ने कहा कि असली विकास राज्य सरकारों के साथ हो सकता है। अकेले कोई भी सरकार कुछ नहीं कर सकती है। मेरा अनुरोध है केंद्र सरकार और उनके मंत्रियों से कि राज्यों की आलोचना करना बंद करें। इससे कुछ हासिल नहीं होने वाला है।

वहीं इसके पहले दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद के उस बयान पर आपत्ति जताते हुए एक ट्वीट किया जिसमें प्रसाद ने दिल्ली सरकार को राशन माफिया के नियंत्रण में रहने का आरोप लगाया था। इसपर पलटवार करते हुए केजरीवाल ने लिखा कि 'आज लोग केंद्र में ऐसा नेतृत्व देखना चाहते हैं जो, पूरा दिन राज्य सरकारों को गाली देने और उनसे लड़ने की बजाय, सबको साथ लेकर चले। देश तब आगे बढ़ेगा जब 130 करोड़ लोग, सभी राज्य सरकारें और केंद्र मिलकर टीम इंडिया बनकर काम करेंगे। इतना गाली गलौज अच्छा नहीं'।

ये पूरा मामला तब शुरू हुआ जब केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने आज प्रेस वार्ता कर दिल्ली की केजरीवाल सरकार पर तीखा हमला बोला। प्रसाद का कहना है कि अरविंद केजरीवाल राशन की होम डिलीवरी की बात कर रहे हैं जब वह दिल्ली के लोगों को ऑक्सीजन देने में भी नाकाम रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली सरकार राशन माफिया के नियंत्रण में है।

उल्लेखनीय है कि दिल्ली सरकार की घर घर राशन योजना पर केंद्र सरकार की तरफ से रोक लगा दी गई थी। दिल्ली सरकार ने इस योजना के लिए केंद्र सरकार से मंजूरी नहीं ली थी, इसके चलते केंद्र ने इस पर फिर से रोक लगा दी है। इस योजना के तहत दिल्ली सरकार ने राजधानी के 72 लाख राशन कार्डधारकों के घर तक राशन पहुंचाने की बात कही थी। दिल्ली में पहले 12 अप्रैल से इस योजना का ट्रायल शुरू होने वाला था, लेकिन कोरोना के केसों में वृद्धि और फिर लॉकडाउन के कारण इसे रोक दिया गया था। इससे पहले 19 मार्च को भी केंद्र सरकार ने दिल्ली में राशन की डोर स्टेप डिलीवरी पर रोक लगा दी थी। उस वक्त 25 मार्च से यह योजना शुरू होने वाली थी। केंद्र सरकार ने दिल्ली सरकार के खाद्य आपूर्ति सचिव को चिट्ठी लिखकर कहा था कि इस योजना को शुरू न करें। उल्लेखनीय है कि केंद्र द्वारा नाम पर ऐतराज जताए जाने के बाद दिल्ली सरकार ने राशन की डोर स्टेप डिलीवरी योजना को बिना नाम शुरू करने का निर्णय लिया था। केंद्र सरकार द्वारा "मुख्यमंत्री घर घर राशन योजना" पर पहले इसके नाम के कारण रोक लगा दी गई थी। केंद्र के इस ऐतराज के बाद योजना का नाम हटा दिया था।


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