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प्रश्नकाल को स्थगित करने की मांग, विपक्ष का सदन से वहिर्गमन

प्रश्नकाल को स्थगित करने की मांग, विपक्ष का सदन से वहिर्गमन
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गुवाहाटी। एएनएन (Action News Network)

छह दिवसीय असम विधानसभा के शीतकालीन अधिवेशन के पहले दिन विपक्ष ने प्रश्नकाल के दौरान जमकर हंगामा किया। विधानसभा अध्यक्ष के इंकार के बाद नाराज होकर विपक्षी विधायक सदन से वहिर्गमन कर गए और सदन के प्रवेश द्वार के सामने धरना देकर बैठ गए।

गुरुवार पूर्वाह्न 9:30 बजे जैसे ही प्रश्नकाल शुरू हुआ तो अध्यक्ष हितेंद्र नाथ गोस्वामी ने चार नए विधायक भाजपा के विजय मालाकार, भाजपा की नवनिता हैंडिक, एआईयूडीएफ के रफिकुल इस्लाम और भाजपा के राजेन बरठाकुर को पद की शपथ दिलाई।

शपथ ग्रहण के बाद जैसे ही प्रश्नकाल आरंभ हुआ वैसे ही कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और पू्र्व मंत्री अजंता नेउग ने अध्यक्ष से प्रश्नकाल स्थगित कर राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी), नागरिकता संशोधन विधेयक (कैब), असम समझौता को पूरी तरह से लागू करने समेत अन्य मुद्दों पर तुरंत चर्चा करने की मांग। अध्यक्ष ने प्रश्नकाल को स्थगित करने के इंकार कर दिया।

इसके बाद कांग्रेस और एआईयूडीएफ के सभी विधायक अध्यक्ष के आसन के पास पहुंचकर हाथों में प्ले कार्ड लेकर नारेबाजी करने लगे। हालांकि, शोरगुल के बीच प्रश्नकाल जारी रही। लगभग पांच मिनट की नारेबाजी के बाद कांग्रेस और एआईयूडीएफ के विधायक सदन से वॉकआउट कर गए। इस बीच सत्तापक्ष ने भारत माता की जय के नारे लगाए।

जयकारा सुनकर सदन से बाहर जा रहे कांग्रेस के एक विधायक रूपज्योति कुर्मी ठहर रूक गए। कुर्मी भी माइक से जय आई असम का नारा लगाने लगे, जबकि सत्ता पक्ष एक-दो बार नारा लगाकर शांत हो गया। कांग्रेस विधायक नारेबाजी के बीच ही सवाल भी पूछने लगे। इस पर संसदीय कार्य मंत्री चंद्र मोहन पटवारी ने चुटकी लेते हुए कहा कि यह कैसा वॉकआउट है, जिसमें विपक्ष सवाल भी पूछ रहा। इस बात की जानकारी मिलते ही अन्य कांग्रेस विधायक कुर्मी को अपने साथ ले गए।

सदन से बाहर निकलकर कांग्रेस पार्टी के सभी विधायक विस के मुख्य प्रवेश द्वार के सामने जमीन पर बैठकर नारेबाजी करने लगे। इस विरोध प्रदर्शन में पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई जहां कुर्सी पर बैठे रहे, वहीं पूर्व मंत्री रकीबुल हुसैन, अजंता नेउग के साथ ही अन्य विधायक हाथों में प्ले कार्ड लेकर नारेबाजी करते रहे। इस दौरान कांग्रेस ने भाजपा से कैब को रद्द करने की मांग की।

ज्ञातव्य है कि छह दिसम्बर तक चलने वाले शीतकालीन अधिवेशन में विपक्ष उपरोक्त मुद्दों पर लगातार विरोध और प्रदर्शन के मूड में दिखाई दे रहा है। हालांकि, सदन से एआईयूडीएफ ने वहिर्गमन तो जरूर किया, लेकिन धरने पर नहीं बैठा। शून्यकाल में भी विपक्ष सदन के अंदर नहीं पहुंचा, जबकि प्रश्नकाल विपक्ष की अनुपस्थिति में चलता रहा।

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