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आदेश का उल्लंघन या जांच में सहयोग न करने पर हो सकती है कड़ी कार्रवाई : डीसी

आदेश का उल्लंघन या जांच में सहयोग न करने पर हो सकती है कड़ी कार्रवाई : डीसी
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देवघर। एएनएन (Action News Network)

डीसी नैन्सी सहाय ने कहा है कि कोरोना वायरस से लोगों के बचाव के लिए कोरोना वायरस रेगूलेशन 2020 लागू कर दिया गया है। इसके तहत सार्वजनिक स्थानों को सावधानी के तौर पर 14 अप्रैल तक बंद करने का आदेश दिया गया है। इसके तहत किसी परिसर के मालिक या उसका उपयोग करने वाले व्यक्ति द्वारा इस बीमारी से संदिग्ध, ग्रसित हो और इसका इलाज लेने से मना करे, तो आपराधिक प्रक्रिया के तहत संबंधित व्यक्ति के विरूद्ध आवश्यक कार्यवाई की जा सकती है।

सहाय ने मंगलवार को कहा कि नाबालिग के मामले में, इस तरह के आदेश को नाबालिग के परिवार के संरक्षक या किसी अन्य वयस्क सदस्य को निर्देशित किया जा सकता है। अफवाहों पर लगान लगाने के उद्देश्य से किसी भी संस्थान कोई भी व्यक्ति या संस्था कोरोना वायरस से संबंधित मामलों को बिना अनुमति के प्रचारित या प्रसारित नहीं करने का आदेश जारी किया गया है।

इन नियमों के प्रावधानों में से कोई भी उल्लंघन करने वाले को नियंत्रित करता है या आदेश की अवहेलना करता है। इन नियमों के तहत किसी भी प्राधिकारी पर लगाए गए कार्यों, कर्तव्यों और जिम्मेदारियों के प्रदर्शन को बाधित करता है, तो उसे अपराध माना जाएगा। इन नियमों के तहत किसी व्यक्ति द्वारा यदि अच्छे उद्देश्य के लिए कोई कार्य किया जाता है, तो उनके विरूद्ध किसी प्रकार की कोई मुकदमा या अन्य कानूनी कार्यवाई नहीं की जायेगी।

उन्होंने बताया कि झारखंड सरकार ने राज्यपाल के आदेश पर राज्य कोरोना वायरस रेगुलेशन जारी कर दिया है। इसका नाम द झारखंड स्टेट इपिडेमिक डिजिज रेगुलेशन रखा गया है। यह रेगुलेशन 16 मार्च से प्रभावी कर दिया गया है। इसके तहत अब किसी भी कोरोना वायरस के संदिग्ध व्यक्ति को जांच में पूरी तरह सहयोग करना होगा। इसके तहत उपायुक्त को अधिकार दिया गया है कि वे संदिग्ध व्यक्ति को जांच के लिए जबरन आइसोलेशन सेंटर भेज सकते हैं।

अगर वह व्यक्ति जांच में सहयोग नहीं करता है, तो उस पर कानूनी कार्रवाई करने का अधिकार उपायुक्त को दिया गया है। इस रेगुलेशन का उल्लंघन करनेवाले व्यक्ति के विरुद्ध सजा का प्रावधान भी रखा गया है। इसके तहत संबंधित व्यक्ति को जुर्माना या फिर छह माह की जेल या फिर दोनों (जुर्माना व जेल) हो सकती है। उन्होंने सभी शिक्षण संस्थानों को भी रेगुलेशन का पालन करने का निर्देश दिया है।

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