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दिग्विजय सिंह ने मध्य प्रदेश से राज्यसभा के लिए नामांकन भरा

दिग्विजय सिंह ने मध्य प्रदेश से राज्यसभा के लिए नामांकन भरा
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भोपाल। एएनएन (Action News Network)

मप्र के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने गुरुवार को विधानसभा पहुंचकर राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल किया। इस मौके पर उनके साथ उनकी धर्मपत्नी अमृता सिंह, पुत्र और नगरीय विकास मंत्री जयवर्धन सिंह, मंत्री गोविंद सिंह, आरिफ अकील, पीसी शर्मा, पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव, रामेश्वर निखरा, राजकुमार पटेल समेत समर्थक उपस्थित थे।
दिग्विजय सिंह ने नामांकन दाखिल करने के बाद कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी और मुख्यमंत्री कमलनाथ को धन्यवाद दिया।

इस दौरान दिग्विजय सिंह ने कहा कि उन्होंने कभी भी विचारधारा से समझौता नहीं किया और न ही उन्होंने कभी पद का लालच रखा। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि देश में इस समय साम्प्रदायिक शक्तियां हावी हैं। भाजपा अपनी सरकार बनाने के लिए जिस तरह के हथकंडे अपना रही है, उसे जनता को समझना चाहिए। ये प्रजातंत्र के सिद्धांत के खिलाफ है। हम फ्लोर टेस्ट के लिए तैयार हैं।

सिंधिया के भाजपा से जुड़ने पर उन्होंने कहा कि ये लड़ाई नेहरू-गांधी और गोडसे की विचारधारा के बीच की है। इसमें ज्योतिरादित्य सिंधिया ने गोडसे को चुना जिसका हमें दुख है। उन्होंने सिंधिया द्वारा प्रदेश सरकार पर ट्रांसफर उद्योग चलाए जाने के आरोप का जवाब देते हुए कहा कि सिंधिया के कहने पर सैकड़ों तबादले हुए हैं।मेरे गृह जिले में कलेक्टर-एसपी तक के तबादले सिंधिया के कहने पर किये गए।

यहां तक कि सिंधिया के मुताबिक टिकट बांटे गए और मंत्री बनाये गए। दिग्विजय सिंह ने कहा कि कांग्रेस को उन्हें अध्यक्ष बनाने या फिर राज्यसभा भेजने में कोई दिक्कत नहीं थी। उन्होंने कहा कि जब सरकार बनी थी, तब सिंधिया को डिप्टी सीएम बनाने का प्रस्ताव दिया था लेकिन वो तुलसी सिलावट को डिप्टी सीएम बनाना चाह रहे थे।

दिग्विजय सिंह ने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस विधायक गांधी की विचारधारा छोड़कर गोडसे की विचारधारा से जुड़ रहे हैं। उन्होंने सिंधिया को भाजपा की ओर से सीएम के लिए बेहतर उम्मीदवार बताया है। उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश में जल्द ही राज्यसभा की तीन सीटों के लिए चुनाव होने हैं।

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