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भारत को विश्व गुरु बनाना चाहते थे स्वामी विवेकानंद : डॉक्टर एम लक्ष्मी कुमारी

भारत को विश्व गुरु बनाना चाहते थे स्वामी विवेकानंद : डॉक्टर एम लक्ष्मी कुमारी
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कोलकाता। एएनएन (Action News Network)

स्वामी विवेकानंद भारत को विश्वगुरु बनाना चाहते थे और उनके सपनों को साकार करने के लिए सिस्टर निवेदिता ने खुद को समर्पित कर दिया था। ऐसा उन्होंने श्रद्धा की वजह से किया था। उक्त बातें विवेकानंद केंद्र फाउंडेशन की वर्तमान निदेशक डॉ एम लक्ष्मी कुमारी ने रविवार को एक विशेष कार्यक्रम के दौरान कहीं।

उत्तर कोलकाता के बागबाजार बोसपाड़ा लेन में सिस्टर निवेदिता हेरीटेज म्यूजियम के उद्घाटन मौके पर गिरीश मंच में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि "श्रद्धा" ही एकमात्र ऐसा शब्द है जिसके अंदर कई सत्य और शक्तियां निहित हैं। कुमारी ने कहा कि आज अगर सोचा जाए तो पश्चिमी सभ्यता की भव्यता छोड़कर सिस्टर निवेदिता अगर भारत आई थीं तो उसके पीछे केवल श्रद्धा ही कारण था, जो आज हम लोग धीरे-धीरे खोते जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि समय के साथ-साथ सिस्टर निवेदिता का आदर्श और अधिक प्रासंगिक होता जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह जगह एक देवी के मंदिर की तरह है। जहां श्री श्री मां पूर्ण शक्ति के साथ विराजमान है। उन्होंने बताया कि दर्शनीय और पुण्य भवन की मरम्मत 2017 में हुई थी और संग्रहालय निर्माण का काम अब पूरा हो गया है। 20 मार्च से यह आगंतुकों के लिए खोल दिया जाएगा।

शुक्रवार, शनिवार और रविवार सुबह 11:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक लोग इसमें आकर सिस्टर निवेदिता, स्वामी विवेकानंद, रामकृष्ण परमहंस और उनसे जुड़े अन्य भौतिक और आध्यात्मिक पहलुओं का दर्शन कर सकेंगे। कार्यक्रम की शुरुआत रामकृष्ण शारदा मिशन सिस्टर निवेदिता गर्ल्स स्कूल की छात्राओं के मंत्रोचार के साथ हुआ। वक्ताओं में संग्रहालय के प्रधान निदेशक और विक्टोरिया मेमोरियल के संरक्षण विभाग के पूर्व प्रधान अरुण घोष भी थे।

उन्होंने बागबाजार से जुड़े ऐतिहासिक पहलुओं पर प्रकाश डाला। घोष ने कहा कि पूरे बागबाजार को ऐतिहासिक अंचल घोषित कर आने वाली पीढ़ियों को उपहार के तौर पर दिया जाना चाहिए। इसके लिए सभी को एकजुट होकर सरकार से आवेदन करना होगा। कार्यक्रम में विशालक्खी महामाया, संगीत शिल्पी स्वागतालक्खी दास गुप्ता और कई अन्य गण्यमान्य लोग उपस्थित थे।

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