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गर्मी आते ही देवघर नगर निगम बढ़ जाती है मुश्किलें

गर्मी आते ही देवघर नगर निगम बढ़ जाती है मुश्किलें
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देवघर । एएनएन (Action News Network)

देवघर नगर निगम द्वारा शहरी जलापूर्ति हेतु निगम को 25 एम एल डी पेयजल की जरूरत है किंतु सामान्य दिनों में भी निगम की क्षमता 12-13 एम एल डी से ज्यादा नहीं है। जिसके बावजूद। निगम सुचारू ढंग से जलापूर्ति कर है।देवघर नगर निगम मुख्यतः दो जलापूर्ति योजनाओं पर निर्भर है जिसमें से एक अजय जलापूर्ति योजना, दूसरी डढ़वा जलापूर्ति योजना । दोनों ही जलापूर्ति योजनाएं बारिश के पानी पर निर्भर है जिस कारण गर्मी का मौसम आते ही निगम के हाथ-पाँव फूलने लगते हैं।शहर के छोटे-बड़े सात जलमिनारों द्वारा जलापूर्ति किया जाता है जिसमें पुराना मीणा बाज़ार के पुराने जल मीनार की जल संग्रहन क्षमता 6.5लाख लीटर, नया जलमीनार की क्षमता 20 लाख लीटर, रामपुर जल मीनार की 27 लाख लीटर, नंदन पहाड़ स्थित दो जलमिनारों की क्षमता 12-12 लाख लीटर, रोहिणी जल मीनार की क्षमता 4 लाख लीटर, जसीडीह स्थितनरेंद्र भवन जलमीनार की क्षमता 1.70 लाख लीटर है।¹

शहरी जलापूर्ति व्यवस्था सुचारू बनाये रखने हेतु निगम अजय जलापूर्ति योजना के तहत 40 डीप बोरिंग कर भूगर्भ जलस्रोत का दोहन कर नवाडीह रिजर्वायर में 12 लाख जबकि डढ़वा नदी के नंदन पहाड़ स्थित रिजर्वायरw⅛ में जल संग्रहन करके रखने के उपरांत नए और पुराने पाइप लाइन के जरिये शहरी जलापूर्ति व्यवस्था बनाये रखने की कोशिश करता है।शहर के ड्राई जोन में निगम पानी टैंकरों के माध्यम से जलापूर्ति करता है। वर्तमान में निगम के पास देवघर डिपो में 39 तथा जसीडीह डिपो में 19 टैंकर हैं जिसके माध्यम से उपर्युक्त व्यवस्था बनाये रखने की कोशिश करता है।शहरी जलापूर्ति के लिए निगम क्षेत्र में कुल 1384 हेण्डपम्प भी हैं ।देवघर नगर जलापूर्ति के लिए रख-रखाव सहित श्रमिकों के भुगतान के लिए लगभग 3 करोड़ रुपये खर्च करती है किंतु जल क्षेत्र में राजस्व उगाही बमुश्किल 70-75 लाख रुपये बार्षिक ही हो पाता है।

दीगर है कि निगम की जलापूर्ति योजना 2010 के आकलन आधार पर है जबकि आज जरूरत दुगुनी से भी ज्यादा हो चुकी है उसपर तुर्रा यह कि देवघर धार्मिक नगरी है जहां 20 -30 हज़ार श्रद्धालु प्रतिदिन एवं श्रावण-भादो के महीने में तकरीबन डेढ़ से दो लाख श्रद्धालुओं का आगमन होता है ऐसे में सबों को जल उपलब्ध कराना बड़ी परेशानी का सबब है।निगम जलापूर्ति के सहायक अभियन्ता समीर कुमार सिन्हा स्वीकारते हैं कि निगम को आवयशक्ताओं से काफी कम जल उपलब्ध हो पाता है किन्तु ऑल्टरनेटिव सिस्टम के माध्यम से यह व्यवस्था सुचारु रखने का प्रयास किया जा रहा है। सिन्हा यह भी बताते हैं कि अन्य बड़ी जलापूर्ति योजनाएं भी प्रस्तावनाधिन है जिसके आरम्भ होने से देवघर में व्याप्त विकराल जल समस्याओं का निदान सम्भव है।

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