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नई शिक्षा नीति का विज़न विश्वविद्यालयों के लिए नए आयाम स्थापित

नई शिक्षा नीति का विज़न विश्वविद्यालयों के लिए नए आयाम स्थापित
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नई दिल्ली । Action India News

केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक ने सोमवार को कहा कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 का विज़न भारतीय विश्वविद्यालयों के लिए नए आयाम स्थापित कर उन्हें साकार करना होगा।केंद्रीय शिक्षा मंत्री निशंक ने आज यहां राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित भारतीय विश्वविद्यालय संघ के सभी कुलपतियों के वार्षिक राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति न्यू इंडिया बनाने की दिशा में उच्च शिक्षण संस्थानों एवं विश्वविद्यालयों को उनकी भूमिका फिर से परिभाषित करने की स्वतंत्रता देगी।

भारत में शिक्षा की पुरानी परंपरा

निशंक ने कहा कि इतिहास गवाह है कि भारत ने हमेशा से ज्ञान का सही उपयोग किया है और उससे दुनिया को लाभान्वित किया है। उन्होंने कहा, राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में उच्च शिक्षा अहम भूमिका निभाती है। प्राचीन भारत में नालंदा, तक्षशिला, विक्रमशिला और वल्लभपुरी जैसे विश्वविद्यालयों का अस्तित्व इस बात का प्रमाण है कि भारत में शिक्षा की पुरानी परंपरा रही है, जिसने भारत को विश्वगुरु के रूप में स्थापित किया है।

उच्च शिक्षा क्षेत्र में किये जा रहे कार्य

निशंक ने बताया कि भारत ने पिछले 5 वर्षों में ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स में 29 स्थानों की वृद्धि की है। 2014 में भारत की रैंक 81 थी, जबकि 2019 में भारत 52 स्थान पर है। उच्च शिक्षा में सकल नामांकन अनुपात 2014-15 से 2018-19 तक 24.3 से बढ़कर 26.3 हो गया है। 2014-15 से 2019-20 तक विश्वविद्यालयों की संख्या 711 से बढ़कर 1028 हो गई है। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान में महिला छात्रों की संख्या 2015-16 में 1871 थी और 2019-20 में यह 3411 थी।

भविष्य के लिए योजना

भारत के संस्थानों को विश्व के शीर्ष पर स्थापित करने एवं भारत को पुनः विश्व गुरु बनाने के लिए प्रधानमंत्री के प्रयास जैसे इंस्टिट्यूट ऑफ़ एमिनेंस, जिसमें कुल 20 (10 सरकारी एवं 10 निजी संस्थानों), को एक निहित योजना के तहत विश्वस्तरीय बनाया जाएगा।प्रत्येक सरकारी संस्थान, जो इंस्टिट्यूट ऑफ़ एमिनेंस के तहत आते हैं, को अगले 5 वर्षों के दौरान 1000 करोड़ रुपये उपलब्ध करवाए जाएंगे। हायर एजुकेशन फाइनेंसिंग एजेंसी की स्थापना 2017 में, संयुक्त उद्यम भागीदारी केनरा बैंक के साथ की गई थी, जो उच्च शिक्षण संस्थानों में बुनियादी ढाँचे का वित्त पोषण करता है। 2022 तक 1,0000 करोड़ रुपये तक की वित्तीय परियोजनाओं को पोषित किया जाएगा।

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