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जमुई के एकांतवास केन्द्र में प्रवासी मजदूरों के लिए घर से आता है खाना,सुविधा के नाम पर सिर्फ मिलता है साबुन

जमुई के एकांतवास केन्द्र में प्रवासी मजदूरों के लिए घर से आता है खाना,सुविधा के नाम पर सिर्फ मिलता है साबुन
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जमुई । एएनएन (Action News Network)

कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए दूसरे राज्यों से लौटे प्रवासी मजदूरों को एकांतवास केन्द्र में रखा जा रहा है,जहां सरकारी स्तर पर सभी तरह की तमाम सुविधाओं के दावे भी किए जा रहे हैं लेकिन जमुई जिले के एक पंचायत में बने एकांतवास केन्द्र का हाल बिल्कुल खराब है।यहां पर सुविधा के नाम पर हाथ धोने के लिए मात्र एक साबुन मिलता है।यहां प्रवासी मजदूरों के लिए न तो बिछावन का इंतजाम है और न ही खाने का।इस पंचायत के एकांतवास केन्द्र में रहने वाले प्रवासी मजदूरों का खाना उनके परिजन घर से लेकर आते हैं।

जिले के जमुई सदर प्रखंड स्थित कुंदरी सनकुरहा पंचायत के हरला गांव के हाई स्कूल भवन में एकांतवास स्थित है यहां दर्जनों लोग रह रहे हैं।ये लोग हाल के दिनों में दूसरे राज्यों से जमुई लौटे हैं।लेकिन इन लोगों के लिए यहां कोई इंतजाम नहीं है।हरला उच्च विद्यालय के अंदर बने इस एकांतवास केन्द्र में लगभग 50 से 60 की संख्या में प्रवासी मजदूर रह रहे हैं।दूसरे राज्यों से लौटे इन लोगों के लिए यहां पर कोई व्यवस्था नहीं है।यहां तक की शौचालय के लिए भी लोग बाहर जाते हैं।साथ ही कमरों के अंदर पंखे भी नहीं हैं।प्रवासी मजदूरों के लिए बिछावन का भी इंतजाम नहीं है।

ऐसी स्थिति में घर से हर दिन इन मजदूरों के परिजन कपड़ा और खाना पहुंचा रहे हैं। खाना पहुंचाने वाली एक महिला सरला देवी ने बताया कि उसके घर के 3 लोग यहां रह रहे हैं।यहां सरकार की तरफ से खाना नहीं मिल रहा है।मजबूरी में घर से खाना लेकर आना पड़ता है।सरकार और जिला प्रशासन ने यहां पर कुछ भी व्यवस्था नहीं किया है।अगर कर देता तो हम घर से खाना क्यों लाते?एकांतवास केन्द्र में रहने वाले प्रवासी मजदूर श्याम मंडल व बिंदेश्वरी मंडल ने बताया कि ये लोग 4 से 5 दिनों से यहां रह रहे हैं।लेकिन कोई व्यवस्था नहीं हुआ है।सुविधा के नाम पर एकमात्र साबुन दिया गया है।पानी की भी व्यवस्था नहीं है।शौचालय के लिए खुले में बाहर जाना पड़ता है।वहीं,इस हालत में अब गांव वालों को डर है कि इन्हें खाना पहुंचाने वालों के कारण महामारी न फैल जाए।

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