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बिजली का कनेक्शन कटने पर नहीं देना होगा यह शुल्क, बकाया जमा करने में भी मिलेगी सुविधा

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने प्रदेश के निर्बल वर्ग के विद्युत उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए1 किलोवाट तक के घरेलू विद्युत कनेक्शन को जोड़ने एवं काटने शुल्क को 31 जुलाई, 2023 तक माफ करने का निर्णय लिया है। साथ ही आंशिक भुगतान की न्यूनतम सीमा कुल बकाये का 25 प्रतिशत भी शिथिल कर दी गयी है। अब गरीब उपभोक्ता अपने बकाया में से न्यूनतम 100 रूपये जमा करके विच्छेदित कनेक्शन जुड़वा सकता है। यह जानकारी उत्तर प्रदेश के पावर कारपोरेशन अध्यक्ष एम. देवराज ने दी है।

एम. देवराज ने बताया कि वर्तमान में उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड के अन्तर्गत एलएमवी-1 श्रेणी के अन्तर्गत घरेलू उपभोक्ताओं के संयोजन बकाया लम्बित होने पर विच्छेदित कर दिये जाते है। उपभोक्ता द्वारा सम्पूर्ण बकाया अथवा आंशिक रूप से बकाया जमा करने के उपरान्त आरसी-डीसी कनेक्शन (काटने एवं जोड़ने) शुल्क के रूप में लगभग रू0 600.00 की धनराशि अतिरिक्त जमा करना होता है। प्रायः गरीब उपभोक्ताओं द्वारा आंशिक रूप से पॉच सौ से एक हजार रूपये तक ही बिल की राशि जमा की जाती है। इस स्थिति में उनके द्वारा आरसी-डीसी शुल्क के रूप में रू0 600.00 जमा किया जाना सम्भव नहीं हो पाता है, जिसके कारण विद्युत संयोजन पुर्नसंयोजित भी नहीं हो पाता है। इसके अतिरिक्त यह भी व्यवस्था है कि यदि बकाये पर संयोजन विच्छेदित है तब उस स्थिति में उपभोक्ता द्वारा 25 प्रतिशत से कम राशि आंशिक रूप में स्वीकार नहीं की जाती है।

प्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप समस्त गरीब उपभोक्ताओं को विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराने के दृष्टिगत उत्पन्न हो रही कठिनाई को देखते हुये उपरोक्त प्रक्रिया को सरलीकृत करने के लिए लागू होने वाले आरसी-डीसी शुल्क को माफ करने तथा 01 किलोवाट विद्युत भार तक के घरेलू उपभोक्ताओं के यदि संयोजन विच्छेदित है उस स्थिति में आंशिक भुगतान लेते के लिए भुगतान की न्यूनतम सीमा कुल बकाये का 25 प्रतिशत को भी 31 जुलाई, 2023 तक शिथिल करने का निर्णय लिया गया है।

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