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भारतीय अमेरिकी जुड़वा बहनों को 'एवरीडे यंग हीरो अवार्ड'

लॉस एंजेल्स। एएनएन (Action News Network)

भारतीय अमेरिकी परिवार में जन्मी जुड़वा बहनों रीअ मेंडोंक ने स्कूल जाने वाले किशोरों में मादक दवाओं और ई-सिगरेट की लत से होने वाले दुष्परिणामों को लेकर जन जागरण के कार्य में 'एवरीडे यंग हीरो अवार्ड' जीता है।

उल्लेखनीय है कि अमेरिका में आठवीं से 10वीं कक्षा के बच्चों में ई-सिगरेट का बड़ा प्रचलन है। इससे छोटे बच्चों में फेफड़े की बीमारियां गंभीर रूप ले रही हैं। न्यू यॉर्क के सुसान ई वेगनर हाई स्कूल की इन दोनों बहनों ने ई-सिगरेट से हाेने वाले दुष्परिणामें के प्रति जन जागरण अभियान चलाया था।

दरअसल, इन दोनों बहनों को सिगरेट की बुराईयों से लड़ने की प्रेरणा घर से ही मिली थी। इनके दादा की मृत्यु फेफड़ों के फ़ाइब्रोसिस के कारण हुई थी और यह बात वे भूल नहीं पाईं। उसके बाद 10 साल की उम्र में ही इन दोनों भारतीय अमेरिकी बच्चियों ने विश्व भर में सिगरेट के विरुद्ध चलाए जा जा रहे एक अभियान 'विंग्स आफ हॉप' मिशन की सदस्यता ग्रहण कर ली।

दोनों बहनें प्रतिदिन स्कूल के बाहर बच्चों को मादक दवाओं और ई-सिगरेट की लत से परहेज करने के लिए हाथ में प्ले कार्ड और तख़्तियां लेकर तमाम बच्चों से मिलने लगीं। उन्हें मादक दवाओं के सेवन के प्रति सचेत करती हैं। अमेरिका में 12 से 17 वर्ष के बच्चे ई-सिगरेट की लत के शिकार हो जाते हैं और उनमें फेफड़ों की बीमारियां घर करने लगती हैं।

इन दोनों बहनेां ने 'विग्स आफ हॉप' मिशन के सदस्यों की तरह आए दिन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को ई-सिगरेट की बुराइयों के बारे में पत्र लिखने लगी। उन्होंने ऐसे पत्र प्रथम महिला मिलेनिया ट्रम्प को भी लिखे। इस अभियान का इतना असर हुआ कि राष्ट्रपति ने पिछले दिनों स्कूली बच्चों के ई-सिगरेट ख़रीदने और सेवन पर प्रतिबंध लगा दिया।

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