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फसलों के लिए हानिकारक कीटों की जांच को पहुंचा कृषि विशेषज्ञ दल

फसलों के लिए हानिकारक कीटों की जांच को पहुंचा कृषि विशेषज्ञ दल
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ऋषिकेश । Action India News

ऋषिकेश के डोईवाला विकास खण्ड अन्तर्गत श्यामपुर न्याय पंचायत के 16 गांवों में फसलों को भारी नुकसान पहुंचाने वाले कीटों की खबर का कृषि विभाग ने संज्ञान लिया। इसकी जांच के लिए कृषि विशेषज्ञ अधिकारियों का दल यहां पहुंचा।

ग्रामसभा खदरी खड़क माफ जैव विविधता समिति के अध्यक्ष और पर्यावरण मामलों के जानकार विनोद जुगलान विप्र के अनुसार कीटों से सबसे अधिक नुकसान अरबी, दलहनी और मक्का की फसलों को हुआ है।

कृषक भगवान सिंह नेगी के खेत में एक एकड़ भूमि पर बोई गई मक्का सहित उड़द की फसल सुंडी कीट चट कर गए हैं। दलहन की फसल को काटने के बजाय ट्रैक्टर से जोतकर कम्पोस्ट के रूप में प्रयोग किया जाएगा।

साथ ही दलहन वाले खेत में अब धान की रोपाई का निर्णय लिया है।कृषि विभाग के जांच दल ने फसलों का निरीक्षण किया। कृषि विशेषज्ञों ने बताया कि जिस कीट का प्रकोप क्षेत्र में व्याप्त है उसका नाम आर्मी वर्म है।

इसका वयस्क लार्वा एक दिन में दो सौ मीटर तक फैल जाता है, जबकि वयस्क आर्मी वर्म नामक यह घातक कीट अपने जीवनकाल में दो हजार किलोमीटर तक कि दूरी तय कर लेता है जो कि फसलों के गंभीर और हानिकर है।

कृषि एवं भूमि संरक्षण अधिकारी अभिलाषा भट्ट और श्यामपुर न्याय पंचायत क्षेत्र के सहायक कृषि अधिकारी चमन लाल असवाल ने बताया कि इस घातक कीट से फसलों के बचाव के लिए इमामी कटींन बैंजोएट चार ग्राम प्रति दस लीटर या स्पिनोसाड तीन मिली प्रति दस लीटर के हिसाब से छिड़काव करें या दस किलोग्राम चावल के चोकर में दो किलोग्राम गुड़ तीन लीटर पानी तीन सौ पचास मिली लीटर मोनो प्रोटोफास का घोल बनाकर छिड़काव करें।

अच्छे परिणाम के लिए हर बार एक ही कीटनाशक का छिड़काव न करें,बल्कि कीटनाशकों का बदल-बदल कर प्रयोग करें ताकि कीटनाशकों की क्षमता कमजोर हो सके। मौके पर पर्यावरणविद् विनोद जुगलान विप्र, कृषि एवं भूमि संरक्षण अधिकारी अभिलाषा भट्ट, विकास खण्ड डोईवाला की सहायक कृषि अधिकारी इन्दु गोदियाल,रायपुर इकाई की अपर सहायक अभियन्ता नीलम बड़वाल सहित,कृषक चंदन सिंह,विजय सिंह,तेज प्रकाश सिंह,अतर सिंह आदि ग्रामीण उपस्थित रहे।

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