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जेष्ठ में भी हो रहा सर्दी का अहसास, कोरोना का खतरा बढ़ा

जेष्ठ में भी हो रहा सर्दी का अहसास, कोरोना का खतरा बढ़ा
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अनूपपुर । एएनएन (Action News Network)

कोरोना संकमण काल में देश-दुनिया में पिछले डेंढ़ माह से अधिक समय से जारी लॉकडाउन से प्राकृतिक वातावरण ने नया आवरण ओढ़ा है। नभ, जल, थल पर व्याप्त पर्यावरणीय, मावनीय और वनीय जीवन शैली में बदलाव आया है। बताया जा रहा है कि जनजीवन, उद्योग सामान्य गति से काम करना आरम्भ करेंगे, वैसे-वैसे फिर से प्रकृति में बदलाव आएगा। फिलहाल मई माह में मार्च जैसा मौसम बना हुआ है। जेष्ठ के महीने में आमतौर पर भीषण गर्मी पड़ती है, लेकिन इस बार सर्दी का अहसास हो रहा है।

दरअसल, जिले में हो रही लगातार बारिश से धरती में नमी बनी हुई है। इससे तापमान में लगातार उतार चढ़ाव बन रहा है जो मानव शरीर के लिए विकार का कारण बन रहा है। सर्द के कारण कोरोना के डर को भी बढ़ावा मिल रहा है। इस संबंध में सेवानिवृत्त मेडिकल ऑफिसर और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आरपी श्रीवास्तव बताते हैं कि लोगों को वर्तमान मौसम में आ रहे उतार चढ़ाव से बचना चाहिए। गर्म महसूस होने पर कूलर, एसी, ठंडा पेय पदार्थ का सेवन बिल्कुल नहीं करना चाहिए। रात के समय एसी का उपयोग तो बिल्कुल नहीं करनी चाहिए। मटका का पानी उपयोग में लाया जा सकता है।

उन्होंने बताया कि खाना ताजा और हल्के रूप में ले, ताकि पाचन आसानी से हो सके। धूप से आने के उपरांत ठंडे पानी से न नहाए, थोड़ा आराम कर ले। धूप में निकलते समय सिर और गर्दन के हिस्से ढंक कर रखे। चेहरे को ढककर ही बाहर निकले। सर्दी, खांसी या बुखार आए तो घबराएं नहीं, बिना डॉक्टर सलाह लिए दवा का उपयोग बिल्कुल नहीं करें। ऐसी स्थिति में तत्काल आसपास के स्वास्थ्य केन्द्र पहुंचकर चिकित्सीय सलाह लें। कोशिश करें हल्का गुनगुना पानी से तीन बार गरारा करें।

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