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पर्यटकों के लिए अश्व अनुसंधान केंद्र में लगायी फाइबर के घोड़े की मूर्ति

पर्यटकों के लिए अश्व अनुसंधान केंद्र में लगायी फाइबर के घोड़े की मूर्ति
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बीकानेर। एएनएन (Action News Network)

राष्ट्रीय अश्व अनुसंधान केन्द्र, बीकानेर पर पर्यटकों के लिए फाइबर के घोड़े की मूर्ति के रूप में एक और आकर्षण जोड़ा गया है। इस अवसर पर केन्द्र के प्रभारी अधिकारी डॉ एस सी मेहता ने सोमवार को कहा कि अश्व अनुसंधान केंद्र को आम जनता से जोडऩे एवं अश्व संरक्षण के लिए जागरूकता बढ़ाने की दृष्टि से प्रारंभ किया गया।

अश्व पर्यटन अब देशी एवं विदेशी पर्यटकों के मध्य अपना विशिष्ट स्थान बना चुका है। आम जनता को केंद्र पर अधिक से अधिक जानकारी मिले एवं वह आनंद की अनुभूति करे इसके लिए समय-समय पर केंद्र पर नए आकर्षण जैसे लकड़ी का पुल, झरना, झोंपड़ी, हर्बल गार्डन आदि को बनाया गया है।

केंद्र के सहायक मुख्य तकनीकी अधिकारी कमल सिंह ने इस अवसर पर कहा कि पर्यटकों के लिए यह घोड़ा लुधियाना से विशेष रूप से बनवाकर लगवाया गया है एवं पर्यटकों में इसको लेकर पहले ही दिन काफी उत्साह देखा गया। उन्होंने बताया कि पर्यटकों को इसके लिए कोई अलग से शुल्क नहीं देना होगा। सहायक मुख्य तकनीकी अधिकारी डॉ जितेन्द्र सिंह ने बताया कि इस मूर्ति में घोड़े की आकृति एवं बनावट का विशेष ध्यान रखा गया है ।

इस आकर्षण को बीकानेर में स्थापित करने की रूप रेखा एवं मार्गदर्शन केंद्र के पूर्व निदेशक एवं वर्तमान उप महानिदेशक (पशु विज्ञान), भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद्, नई दिल्ली डॉ बी एन त्रिपाठी द्वारा प्रदान किया गया। इस कार्य में गोपाल नाथ का विशेष योगदान रहा।

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