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अन्ना प्रथा के चलते बैंड बाजे के साथ किया गया गौवंश का अंतिम संस्कार

अन्ना प्रथा के चलते बैंड बाजे के साथ किया गया गौवंश का अंतिम संस्कार
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उत्तर-प्रदेश, ब्यूरो | बुंदेलखंड के हमीरपुर जिले में अन्ना प्रथा की विकराल समस्या है। जिससे जिले का किसान परेशान भी है। लेकिन परेशानी होने के बावजूद मे हिन्दू धर्म के लोग गोवंश को पूज्य मानते है और सच्ची निष्ठा रखते हैं। गोवंश के प्रति उनके मन में निष्ठा और स्नेह का भाव आज भी देखने को मिल रहा है। यहाँ के ग्रामीण सालों से इस प्रथा को अपनाते आ रहे हैं। गौवंश के सांड की मृत्यु होने पर उसे विधि विधान के साथ विदा किया जाता है।

दरअसल ये मामला मुस्करा थाना क्षेत्र पहाड़ी गांव से सामने आया है। जहाँ बीती रात्रि एक गोवंस सांड की अचानक तबियत खराब हो गयी। ग्रामीणों तथा सांड बाबा मेला कमेटी ने इलाज हेतू डॉक्टरों की सहायता ली। परन्तू डॉक्टर के लाख प्रयास के बाद भी सांड की मौत हो गयी। कमेटी ने ग्रामीणों की सहायता से मेला ग्राउंड में गाजे बाजे के साथ सांड का अंतिम संस्कार किया। गया ग्रामीणों ने बताया कि हमारे गांव में वर्षो से यह परंपरा है कि जब भी कोई सांड की मौत होती है तो ग्रामीणों तथा कमेटी द्वारा उनका अंतिम संस्कार साड़ बाबा ग्राउंड में किया जाता है। तथा प्रति वर्ष यहाँ पौष माह में चार दिवशीय मेला रामलीला तथा दंगल का आयोजन किया जाता है।

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