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गया से सवा किलो चांदी की ईंट श्रीराम मंदिर की नींव में रखी जाएगी

गया से सवा किलो चांदी की ईंट श्रीराम मंदिर की नींव में रखी जाएगी
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गया । Action India News

अयोध्या में बनने जा रहे श्रीराम जन्मभूमि मंदिर की नींव में गया की चांदी की एक ईंट भी रखी जाएगी। सवा किलो चांदी की यह ईंट विश्व हिन्दू परिषद की गया ईकाई की ओर से भेंट की जाएगी।

इसके साथ ही गया की पावन फल्गु नदी के बालू का भी मंदिर के निर्माण में इस्तेमाल होगा। स्मरण रहे कि श्रीराम का गया से महत्वपूर्ण आनुष्ठानिक संबंध है। भगवान राम यहां पिंडदान करने आये थे।अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण को लेकर विश्व हिन्दू परिषद के नेतृत्व में नब्बे के दशक में शुरू हुए आंदोलन में गया के लोग भी शामिल हुए थे।

भाजपा के तत्कालीन जिला महासचिव अखौरी निरंजन प्रसाद के नेतृत्व में गया से रथयात्रा निकाली गयी थी। गया से निकली इस रथ यात्रा में भाजपा के वरिष्ठ नेता सह केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह, तत्कालीन राज्यसभा सदस्य जनार्दन यादव, मंत्री रामनारायण मंडल, बक्सर के तत्कालीन सांसद लालमुनि चौबे सहित कई पार्टी के नेता शामिल थे।

भगवान श्रीराम मंदिर निर्माण को लेकर लालकृष्ण आडवाणी के नेतृत्व में निकली रथ यात्रा का पड़ाव गया में हुआ था। आडवाणी गया में रात्रि विश्राम के बाद समस्तीपुर के लिए निकले थे जहां उस समय के मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के आदेश पर उन्हें गिरफ्तार कर मसानजोर कैंप जेल ले जाया गया था। मसानजोर इस समय झारखंड में है।

श्रीराम मंदिर के शिलान्यासकर्ता और मंदिर निर्माण ट्रस्ट के सदस्य कामेश्वर चौपाल का शुरुआती राजनीतिक सफर भी गया से शुरू हुआ है। विश्व हिन्दू परिषद के जिलाध्यक्ष सह प्रमुख शिशुरोग विशेषज्ञ डा. एनके गुप्ता के अनुसार श्रीराम मंदिर निर्माण समिति के श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव चंपत राय ने गया विहिप को सवा किलो चांदी की एक ईंट प्रस्तावित मंदिर निर्माण के लिए होने वाले शिलान्यास समारोह में इस्तेमाल करने की स्वीकृति प्रदान कर दी है।

गया विहिप द्वारा भेजी जाने वाली चांदी की ईंट मंदिर के शिलान्यास में शामिल की जाएगी। डा.गुप्ता ने बताया कि सनातन धर्मावलंबियों के विश्व प्रसिद्ध मोक्षदायिनी अंततः सलिला फल्गु नदी का बालू भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर निर्माण में इस्तेमाल किया जाएगा। उन्होंने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बाद फल्गु नदी का बालू अयोध्या भेजा जा चुका है।

विहिप के गया विभाग प्रमुख प्रेम नारायण टईआ ने बताया कि भगवान श्रीराम मंदिर निर्माण में देश-विदेश के सभी सात समुद्रों का पानी, देश के सभी प्रमुख तीर्थस्थलों की मिट्टी, पानी और रेत का इस्तेमाल होना है। इस बात की जानकारी विहिप के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष चंपत राय पहले दे चुके हैं।

गया महानगर विश्व हिन्दू परिषद के अध्यक्ष महेश प्रसाद सिन्हा ने बताया कि गया के विहिप के एक प्रतिनिधिमंडल को अयोध्या में 05 अगस्त को प्रस्तावित मंदिर भूमि पूजन समारोह में शामिल होने की स्वीकृति मिलने की पूरी संभावना है। श्री सिन्हा ने कहा कि प्रतिनिधिमंडल अपने साथ सवा किलो चांदी की एक ईंट के साथ अयोध्या जाएगा।

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