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कोरोना संक्रमित 18 जिलों में अभी प्रभावित रहेंगी सामान्य स्वास्थ्य सेवाएं

कोरोना संक्रमित 18 जिलों में अभी प्रभावित रहेंगी सामान्य स्वास्थ्य सेवाएं
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  • अन्य जगहों पर प्रसव पूर्व देखभाल, टीकाकरण व एचबीएनसी की सेवाएं मिलेंगी

  • 40 जिलों में कोरोना पॉजिटिव केस वाले क्षेत्रों में भी नहीं मिलेगा इन सेवाओं का लाभ

लखनऊ । एएनएन (Action News Network)

प्रदेश में मातृ-शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण और परिवार नियोजन की सेवाएं फिर से शुरू कर दी गई हैं। कोरोना को देखते हुए मातृ व नवजात संबंधी जो आवश्यक सामुदायिक आउटरीच सेवाएं स्थगित करनी पड़ीं थीं, उन्हें अब राज्य के सामान्य स्थिति वाले स्थानों पर बहाल करने के आदेश जारी कर दिये गये हैं। हालांकि लखनऊ-आगरा समेत प्रदेश के उन 18 जिलों में अभी यह सेवाएं निलंबित रहेंगी, जहां पर कोरोना के चलते स्थिति गंभीर है। इसके अलावा 40 जिलों के केवल उन क्षेत्रों में यह सेवाएं नहीं शुरू हो पाएंगी, जहां पर कोरोना के केस पाए गए हैं।

प्रमुख सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने स्वास्थ्य विभाग के आला अफसरों के साथ ही जिलाधिकारियों को इस सम्बन्ध में पत्र भेजा है। इसमें प्रदेश के 17 जिलों में जहां कोई केस दर्ज नहीं हुए हैं वहां पर इन सेवाओं को पूर्व की भांति बहाल किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। भविष्य में कोरोना को लेकर जिन जिलों में स्थितियां बदलती हैं, वहां पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी अपने हिसाब से सेवाओं को बहाल करने और निलंबित करने का निर्णय करेंगे।

वीएचएनडी के आयोजन को लेकर जरूरी दिशा-निर्देश

इसके साथ ही ग्राम स्वास्थ्य पोषण दिवस (वीएचएनडी) के आयोजन को लेकर भी कई जरूरी दिशा-निर्देश दिए गए हैं। इनके मुताबिक सत्र आयोजन से पूर्व आशा कार्यकर्ता उन गर्भवती की सूची तैयार करेंगी, जिनमें कोरोना के कोई लक्षण जैसे-सर्दी, खांसी, बुखार और सांस फूलना आदि नजर आते हैं। यह सूची वह प्रभारी चिकित्सा अधिकारी को सत्र आयोजन से पहले मुहैया कराएंगी। इसके साथ ही सत्र के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क पहनने, साबुन से हाथ धोने और संक्रमण रोकथाम सम्बन्धी निर्देशों का कड़ाई से पालन करना होगा।

वीएचएनडी स्थल का क्वारंटाइन सेंटर के रूप में प्रयोग होने पर अन्य जगह का चयन

आशा कार्यकर्ता द्वारा हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर भी सेवाएं लेने के लिए गर्भवती को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए जाने के लिए प्रेरित किया जाए। सत्र आयोजन स्थल को ब्लीचिंग पाउडर के घोल से कीटाणुरहित किया जाए। यदि वीएचएनडी स्थल को क्वारंटाइन सेंटर के रूप में प्रयोग किया जा रहा है तो सत्र के लिए अन्य स्थल का चयन किया जाए और उसकी सूचना भी लाभार्थियों और एएनएम तक पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए। सत्र के दौरान एएनएम द्वारा इस्तेमाल किये जाने वाले उपकरणों को भी सेनेटाइजर से अच्छी तरह से विसंक्रमित करने के बाद ही इस्तेमाल किया जाए।

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