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गैरसैंणः बड़ा फैसला, बड़ा संकेत

गैरसैंणः बड़ा फैसला, बड़ा संकेत
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  • हाईकमान का भरोसा त्रिवेंद्र सिंह रावत पर बरकरार, स्थिति कमजोर होती तो नहीं कर पाते अहम घोषणा

देहरादून। एएनएन (Action News Network)

मुख्यमंत्री को हटवाने की कोशिश करने वालों के लिए गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी की घोषणा बड़ा संकेत है। भाजपा हाईकमान ने न सिर्फ अपना चुनावी वादा निभाया है, बल्कि यह भी साफ कर दिया है कि मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत पर उसका भरोसा जस का तस है। गैरसैंण का मसला बेहद संवेदनशील रहा है। और कोई भी बिना हाईकमान के आशीर्वाद के इसकी घोषणा नहीं कर सकता था। इससे साफ है कि भाजपा हाईकमान त्रिवेंद्र सिंह रावत के जरिये ही उत्तराखंड में आगे बढ़ने के पक्ष में है।

ग्रीष्मकालीन राजधानी के मसले पर भले ही विरोध करने वालों की कमी नहीं है, लेकिन भाजपा का यह फैसला न सिर्फ साहसिक है, बल्कि समझदारी से भी भरा है। आमतौर पर चुनावी बेला पर इस तरह के फैसले करके वोटरों को लुभाने की कोशिश होती है, लेकिन भाजपा ने दो साल पहले यह दांव चल दिया है। भाजपा के पास मजबूत तर्क है। उसने ढके छिपे या हड़बड़ी में अचानक यह ऐलान नहीं किया है। 2017 के उसके चुनाव घोषणापत्र में यह साफ लिखा था। भाजपा की जीत के तब और भी कारण थे, लेकिन पार्टी कह सकती है कि इस ग्रीष्मकालीन राजधानी के उसके वादे पर भरोसा करके राज्य की जनता ने उसे प्रचंड बहुमत यानी 70 में 57 सीटें दीं।

पिछले कुछ दिनों से रावत को हटाने संबंधी खबरें सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुईं, लेकिन राजधानी के ऐलान ने अब इस पर विराम लगा दिया। राजनीति के जानकारों का विश्लेषण है कि यदि सीएम को हटाने पर हाईकमान विचार कर रहा होता, तो ग्रीष्मकालीन राजधानी की घोषणा अभी नहीं होती। भाजपा के वरिष्ठ नेता और चुनाव घोषणा पत्र समिति के पूर्व सदस्य अजेंद्र अजय का मानना है कि इस साहसिक ऐलान से मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने इतिहास रच दिया है। भाजपा हाईकमान ने यह साबित कर दिया है कि वह अपना वादा पूरा करता है। चाहे वह उत्तराखंड राज्य के गठन का वादा रहा हो या फिर गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाने का।

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