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गिरिराज सिंह ने सरकार की कार्यशैली पर उठाये सवाल

गिरिराज सिंह ने सरकार की कार्यशैली पर उठाये सवाल
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  • केंद्रीय मंत्री ने एसपी के साथ अपराध की समीक्षा की, नियंत्रण करने के दिये निर्देश
  • गिरिराज सिंह के स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक में नहीं पहुंचे सिविल सर्जन

बेगूसराय। एआईएन

जिले में बेतहाशा बढ़ते अपराध को लेकर चिंता जाहिर करते हुए सांसद और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह एक्शन मोड में आ गए हैं। गिरिराज ने पीड़ित लोगों से मुलाकात करने के बाद एसएसपी से बढ़ते अपराधों पर नाराजगी जताते हुये दोषियों को तुरंत गिरफ्तार करने के निर्देश दिये। गिरिराज ने सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाये।

तेघड़ा में आपराधिक वारदात के शिकार सुजीत साह और मचहा में हुए तिहरे हत्याकांड के पीड़ित परिजनों से मुलाकात करने के बाद गिरिराज सिंह ने मंगलवार को सर्किट हाउस में एसपी के साथ अपराध की समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने कहा कि तीन दिन के अंदर बेगूसराय में दस लोगों को गोली मारी गई, जिसमें सात लोग मर भी गए। यहां अपराधी इतने बेखौफ हैं कि दिन में गोली चलाते हैं, रात में घर में घुसकर मार देते हैं। पुलिसिंग सिस्टम काम नहीं कर रही है। अपराधी बेखौफ हो गए हैं। गिरिराज सिंह ने बढ़ते अपराध पर तुुरंंत काबू पाने की बात करते हुए एसपी से कहा है कि या तो बेगूसराय में अपराध पर लगाम लगाएं अथवा हाथ उठा दें।

मचहा की घटना पर उन्होंने कहा कि नामजद विकास कुमार पूर्व में अपने परिवार में ही दो लोगों की हत्या कर चुका था। हाईकोर्ट से उसने फर्जी तरीके से बेल ले लिया, जिसकी जांच पड़ताल सीबीआई कर रही है। लेकिन बेगूसराय पुलिस ने उसके खिलाफ ठोस कदम नहीं उठाया। गिरिराज सिंह कहा कि लगातार हो रहे हत्याकांड से बेगूसराय में दहशत का माहौल है। यह नहीं चलेगा, समझ में नहीं आता है कि सरकार क्या कर रही है। उन्होंनेे सभी पीड़ित परिजनों को सुरक्षा मुहैया कराने को भी कहा है। मौके पर एसपी अवकाश कुमार ने जल्द ही आपराधिक वारदातों पर काबूू पाने का भरोसा दिलाया है।

एसपी के साथ बैठक के बाद गिरिराज सिंह ने आयुष्मान भारत योजना की होने वाली समीक्षा बैठक में सिविल सर्जन के न आने से बैठक नहीं हो सकी। इससेे आक्रोशित गिरिराज सिंह ने मौके पर मौजूद डॉ. आनंद नारायण शर्मा को अविलंब व्यवस्था में सुधार करने को कहा। गिरिराज सिंह ने बिहार सरकार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से बात की और इसमें गति लाने की बात कही। उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत योजना का कार्ड तीन लाख से ज्यादा बनना था, लेकिन 50 हजार कार्ड ही बन पाया है। ऐसे में गरीबों को इस योजना का लाभ कैसे मिलेगा। अधिकारियों पर बरसते हुए उन्होंने कहा कि वे वेतन लेने में पीछे नहीं रहते हैं, लेकिन काम करने में विफल रहते हैं। ऐसे में गरीबों को इस योजना का लाभ कैसे मिलेगा। छठ पर्व के बाद दोबारा समीक्षा बैठक होगी।

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