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बालिकाओं को दी जा रही है आत्मनिर्भर बनने की शिक्षा

बालिकाओं को दी जा रही है आत्मनिर्भर बनने की शिक्षा
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  • 178 आवासीय विद्यालयों में 16000 बालिकाएं होंगे लाभान्वित

दंतेवाड़ा। एएनएन (Action News Network)

जिला केडाइट परिसर में सोमवार को रूम टू रीड कार्यक्रम का आयोजन किया गया। परियोजना विजयी कार्यक्रम द्वारा बच्चों को आत्मनिर्भर ओर अपनी प्रतिभा को निखारने व अपने अंदर की झिझक को दूर करने के गुर स‍िखाए गए। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा चलाए जा रहे बालिका शिक्षा कार्यक्रम के सकारात्मक परिणामों को देखते हुए परियोजना विजयी कार्यक्रम की शुरुआत 01 साल पूर्व की गई थी। यह कार्यक्रम छत्तीसगढ़ के सभी 27 जिलों में 93 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय 52 आश्रम शाला 28 बालिका पोटा केबिन एवं पांच अन्य आवासीय संस्थानों में क्रियान्वित हो रहा है। इन सभी संस्थानों में कक्षा छठवीं से लेकर आठवीं तक की बालिकाओं को जीवन कौशल-आत्मनिर्भर बनने की शिक्षा प्रदान की जा रही है।

परियोजना विजयी कार्यक्रम द्वारा बच्चों को आत्मनिर्भर ओर अपनी प्रतिभा को निखारने व अपने अंदर की झिझक को दूर करने के लिए नक्सल प्रभावित क्षेत्र दंतेवाडा में आज डाइट परिसर में निधि श्रीवास्तव द्वारा डाइट के बच्चों को आत्मनिर्भर बनने की श‍िक्षा द‍िए। जीवन में अपने अंदर झिझक को दूर करने व अपने से बड़ों व छोटों के सामने अपनी बात किस प्रकार रखी जाए, उसके बारे में शिक्षा प्रदान की गई। बच्चों को यह भी बताया गया कि असामाजिक तत्वों द्वारा अगर हम से किसी प्रकार का दुर्व्यवहार किया जाता है तो उसे किस प्रकार जवाब देना है व इसकी शिकायत कहां-कहां की जा सकती है।

छत्तीसगढ़ राज्य के कुल 314 अधीक्षिकाओं एवं शिक्षिकाओं को जीवन कौशल आधारित प्रशिक्षण रूम टू रीड द्वारा दिया गया है। इस कार्यक्रम के तहत बालिकाओं के साथ विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की जाती है। जैसे स्वयं के बारे में जानना, निर्णय लेना, लक्ष्य निर्धारित करना विवेचनात्मक सोच, शारीरिक बदलाव को समझना जिसका उद्देश्य किशोरी बालिकाओं को जीवन कौशल से लैस करना है। किशोरी बालिकाएं अपनी शिक्षा पूरी कर सके और रोजगार से जुड़ी व मूलभूत कौशल प्राप्त कर सके। साथ ही जीवन की जरूरी निर्णय पूरी समझ के साथ ले सके और एक सफल व विजयी जीवन का मार्ग प्रशस्त करें।

इस कार्यक्रम के माध्यम से 16000 बालिकाएं 178 आवासीय विद्यालयों में लाभान्वित हो रही हैं। इसके लिए शिक्षा विभाग सरकार के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। जीवन कौशल सत्रों का गुणवत्तापूर्ण मानीटरिंग एवं सहयोग के लिए रूम टू रीड की राज्यस्तरीय टीम में एक वरिष्ठ कार्यक्रम अधिकारी एवं 09 कार्यक्रम समन्वयक हैं। प्रत्येक कार्यक्रम समन्वयक 16 से 23 संस्थाओं में मॉनिटरिंग के दौरान अधीक्षिकाओं एवं शिक्षिकाओं को गुणवत्तापूर्ण जीवन कौशल सत्र आयोजित करने में सहयोग प्रदान कर रहे हैं। कार्यक्रम में जिला पंचायत सीईओ एसआलोक, डाइट के प्राचार्य केके उद्देश्य, कार्यक्रम समन्वक निधि श्रीवास्तव, डाइट अकादमिक सदस्य आदि मौजूद थे।

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