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जीएमसी कठुआ ने निकाले 47 कांट्रेक्चुअल वर्कर्स, किया प्रदर्शन

जीएमसी कठुआ ने निकाले 47 कांट्रेक्चुअल वर्कर्स, किया प्रदर्शन
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कठुआ। एएनएन (Action News Network)

एसआरओ 24 के तहत लगाए गए जीएमसी कठुआ में कांट्रेक्चुअल वर्करों को बिना सूचना के ही निकाल दिया गया है, जिसे लेकर शनिवार को जीएमसी कठुआ के मुख्यद्वार पर सोशल डिस्टेंसिंग को ध्यान में रखते हुए कांट्रेक्चुअल वर्करों ने जीएमसी कठुआ प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। 47 कांट्रेक्चुअल वर्करों ने आधा घंटा के करीब जीएमसी मुख्य गेट पर प्रदर्शन किया। इस दौरान डीएसपी मुख्यालय मौके पर पहुंचे उन्होंने लॉकडाउन और सोशल डिस्टेंसिंग का हवाला देकर उन्हें वहां से हटा दिया।

वही प्रदर्शन कर रही कांट्रेक्चुअल वर्कर्स का कहना है कि एसआरओ 24 के तहत जीएमसी कठुआ में लगाया गया था जबकि 24 मार्च से 30 मार्च तक सभी कांट्रेक्चुअल वर्करों का समय पूरा हो चुका था, लेकिन उस दौर प्रशासन की ओर से कोई भी नोटिफिकेशन जारी नहीं की गई थी। उन्होंने बताया कि जब पिछले कल जीएमसी के प्रिंसिपल के पास अपनी आगे की नौकरी को जारी रखने के लिए लिखित में नोटिफिकेशन मांगने गए, तो प्रिंसिपल द्वारा अभद्र व्यवहार कर उन्हें वहां से निकाल दिया गया और पिछले कल शाम को 47 कांट्रेक्चुअल वर्कर्स को निकालने की नोटिफिकेशन जारी कर सोशल साइट्स पर चढ़ा दी गई।

उन्होंने कहा कि एक तरफ पूरे देशभर में कोरोना वायरस के मरीज बढ़ते जा रहे हैं और उसके लिए स्टाफ की ज्यादा जरूरत है और देश के प्रधानमंत्री कोरोना फाइटर्स के सम्मान के लिए तालियां थालियां बजा रहे हैं। लेकिन जीएमसी कठुआ प्रशासन ने लाॅकडाउन और कोविड 19 की आढ़ में उन्हें निकालकर सम्मान दिया है। उन्होंने कहा कि इस कठिन घड़ी के दौर में पूरा लॉकडान और कोविड-19 जैसी महामारी फैली हुई है इसी की आड़ लेकर इन्हें नौकरी से निकाल दिया गया।

उन्होंने कहा अगर उन्हें निकालना ही था तो जब उनका 24 मार्च को 1 साल पूरा हो गया था तब क्यों सूचित नहीं किया गया। तब यह अपना काम लेते रहे आज इनको हमारी जरूरत नहीं है तो आज इन्होंने बिना कारण बताओ नोटिस के ही हमें निकाल दिया। जबकि इस कठिन दौर में कोविड-19 की लड़ाई में स्टाफ की जरूरत है। वहीं प्रशासन से मांग करते हुए कांट्रेक्चुअल वर्करों ने कहा कि उनकी आगे की नौकरी जारी रखी जाऐ, नहीं तो उग्र प्रदर्शन करेगें।

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