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राजधानी क्षेत्र में एकांतवास शिविर को बढ़ाया जाएगा

इटानगर । एएनएन (Action News Network)

देश के अन्य राज्यों से अरुणाचल लौटने वाले विद्यार्थियों और लोगों के लिए एकांतवास शिविर की संख्या और बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। यह निर्णय मुख्यमंत्री पेमा खांडू की अध्यक्षता में हाल ही हुए कैबिनेट की बैठक को दौरान लिया गया। कैबिनट के निर्णय के संबंध राज्य के गृह मंत्री बमांग फेलिक्स ने एक बयान जारी कर बताया है कि कैबिनेट की बैठक में 100 प्रतिशत आरटी-पीसीआर परीक्षण के लिए अनिवार्य करने का फैसला किया गया है, जिसमें बाहर से आने वाले सभी व्यक्ति शामिल हैं।

पुलिस ट्रेनिंग सेंटर बंदरदेवा में स्थापित एकांतवास शिविर में और सुधार करने के लिए कैबिनेट ने पापुम पारे जिला के उपायुक्त पिगू लिगू को शिविर के प्रभारी के रूप में नियुक्त किया है जो संपूर्ण व्यवस्थाओं पर लगातार नजर रखेंगे। उनकी मदद पापुम पारे के पुलिस अधिक्षक करेंगे।

राजधानी क्षेत्र में एकांतवास शिविर की सुविधाओं को ओर अधिक बेहतर करने के लिए कैबिनेट ने संकल्प लिया है। गरीबी रेखा से नीचे वाले लोगों के लिए बनाए गए हाउसिंग कॉम्प्लेक्स, लेखी निरजुली को 10 दिन के अंदर एकांतवाश शिविर में बदला जाएगा। इसमें प्रत्येक इकाई में अलग शौचालय और बाथरूम की सुविधा के साथ 590 कमरे हैं। इसको क्रियान्वित करने की जिम्मेदारी शिक्षा मंत्री तबा तेडिर को सौंपी गयी है।

इसके अलावा इस तरह के भुगतान करने पर भी एकांतवास शिविर की व्यवस्था मुहैया कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि पूर्वोत्तर के अन्य राज्यों में फंसे राज्य के लोगों को आगामी 14 मई तक वापस लाने की व्यवस्था पूरी कर ली जाएगी।

कैबिनेट ने होलंगी, बंदरदेवा और गुम्टो के माध्यम से राजधानी क्षेत्र में अत्यावश्यक सामान, चिकित्सा सामग्री आदि के वाहनों की आवाजाही को पूरी तरह से सुनिश्चत किया जाएगा। गुम्टो चेकगेट का उपयोग तत्काल पश्चिमी और पूर्वी क्षेत्र में राजधानी क्षेत्र से जुड़े सभी जिलों के लिए आवश्यक सामान ले जाने वाले वाहनों की आवाजाही के लिए किया जाएगा। अरुणाचल प्रदेश के 12 नामित प्रवेश चेक गेटों के समग्र कामकाज की निगरानी की व्यवस्था की गई है। एक उच्च स्तरीय चेक गेट के इलाके में एकांतवास शिविर की व्यवस्था की गई है।

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