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असम, त्रिपुरा, मिजोरम के गुरूकुल छात्र बना रहे जरूरतमंदों के लिये मास्क

असम, त्रिपुरा, मिजोरम के गुरूकुल छात्र बना रहे जरूरतमंदों के लिये मास्क
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फिरोजाबाद । एएनएन (Action News Network)

वैश्विक महामारी कोरोना से बचाव के लिये महर्षि दयानन्द आर्ष गुरूकुल आश्रम में शिक्षा ग्रहण कर रहे छात्रों ने जरूरमंदों और निर्बल वर्ग के परिवारों के लिये मास्क बनाने का वीणा उठा लिया है। यह छात्र प्रतिदिन लगभग 250 मास्क तैयार कर रहे है। उन्होंने 20 हजार मास्क तैयार कर उन्हें निशुल्क वितरण करने का लक्ष्य तय किया है। यह छात्र तीन राज्यों असम, मिजोरम और त्रिपुरा के रहने वाले हैं।

तहसील जसराना के गांव पलिया बहत स्थित राष्ट्रीय सेवा भारती से सम्बद्ध महर्षि दयानन्द आर्ष गुरूकुल आश्रम मे देश मे हुये 21 दिन के लाॅकडाउन के कारण शिक्षण कार्य बंद हो गया था। देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा प्रत्येक देशवासी से मास्क पहनने की अपील की गई है। ऐसे में गुरूकुल के इन छात्रों के मन में वैश्विक महामारी के इस संकट में जनपद के गरीब, असहाय और निर्बल परिवारों तक नि:शुल्क मास्क पहुंचाने का विचार आया।

गुरूकुल के इन छात्रों ने प्रधानमंत्री की गरीब, असहाय और जरूरतमंद लोगों की मदद करने की अपील से प्रेरित होकर इन लोगों तक मास्क पहुंचाने का प्रण कर लिया। इसके लिये इन छात्रों ने गुरूकुल के व्यवस्थापक राघवेन्द्र सिंह के समक्ष मास्क तैयार कर उन्हें जरूरतमंदों में नि:शुल्क वितरण करने का प्रस्ताव रखा। जिसे व्यवस्थापक ने सहर्ष स्वीकार कर आश्रम समिति के पदाधिकारियों से सम्पर्क स्थापित किया।

समिति के पदाधिकारियों ने इस कार्य के लिये कुछ समाजसेवियों की मदद ली और फिर इन छात्रों को मास्क तैयार करने के लिये कपड़ा उपलब्ध कराया गया। जिसके बाद इन छात्रों ने गुरूकुल के एक कमरे में ही मास्क निर्माण कार्यशाला को आरम्भ कर दिया। पिछले चार दिन से गुरूकुल के करीब 27 छात्र प्रतिदिन मास्क तैयार कर रहे है। छात्रों ने अब तक लगभग एक हजार मास्क तैयार कर लिये है।

असम, त्रिपुरा और मिजोरम के यहं छात्र कर रहे है मास्क तैयार

मास्क बनाने वाले यह सभी छात्र कक्षा 6, 7 व 8 के विधार्थी है, जिनमें असम के कदम ताती, विधासागर नन्द, विपुल वास्के, देवसुन्दर प्रोजा, ज्योतिस टुडू, सुमन कोन्धो, पवित्र टुडू, धनैई टुडू, शिवा ताॅती, देवव्रत हेमरोम, महेन्द्र सोरोना व त्रिपुरा के विश्ववत देव वर्मा, अरमा देव वर्मा, पथरंजन त्रिपुरा, वरून किशोर, लन्दन, मणिक हलम और मिजोरम के सिक्का बाबू चकमा, जातिस चकमा, संजीत चकमा, नील दोन चकमा, अर्पन चकमा, रतन चकमा, सागर चकमा, संजीत चकमा, करन विकास चकमा, धारूष चकमा आदि है।

लक्ष्यपूर्ति में इन लोगों का मिल रहा है सहयोग

गुरूकुल के इन बच्चों को मास्क तैयार कराने में आश्रम समिति के अध्यक्ष अरविन्द्र पालीवाल, उपाध्यक्ष डाॅ प्रभाष्कर राय, सचिव व व्यवस्थापक प्रमुख राघवेन्द्र, दीपक अग्रवा, अश्विनी कुमार, रामजी, सियाराम शर्मा, दाऊदयाल अग्रवाल, ओमशरण, अनूप गुप्ता, विजय जैन, राममनोहर अग्रवाल व नीलकमल आदि का विशेष सहयोग मिल रहा है।

आश्रम समिति के उपाध्यक्ष डाॅ प्रभाष्कर राय ने बताया कि गुरूकुल की स्थापना वर्ष 2010 में हुई थी। पूर्वोत्तर काल में असम, त्रिपुरा और मिजोरम के बच्चों का अध्यन के लिये गुरूकुल में आना वर्ष 2014 से आरम्भ हुआ। इस समय आश्रम में असम, त्रिपुरा और मिजोरम के लगभग 50 बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे है। इन सभी बच्चों के भोजन, आवास और शिक्षा की व्यवस्था समाज के दानदाता बन्धुओं के सहयोग से की जाती है। गुरूकुल में आठवीं तक शिक्षा प्रदान की जाती है। गुरूकुल में बच्चों को शिक्षा देने के साथ-साथ इनके चरित्र, संस्कार और मूल्य निर्माण का भी प्रयास किया जाता है।

लाॅकडाउन होने के पश्चात इन छात्रों ने स्वयं ही मास्क बनाने का निर्णय लिया। इस समय बच्चों ने लगभग 1000 मास्क तैयार कर लिये है। गुरूकुल के इन छात्रों का लक्ष्य 20 हजार मास्क तैयार कर उन्हें गरीब, असहाय और समाज के कमजोर तबके के लोगों में वितरण करना है।

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