
ग्वालियर मास्टर प्लान तैयार, 315 करोड़ से बनेंगी 10 नई सड़कें, 30 गांवों को मिलेगा सीधा कनेक्शन
ग्वालियर
ग्वालियर शहर की यातायात व्यवस्था को नई रफ्तार देने और बदहाल सड़कों के दाग को धोने के लिए लोक निर्माण विभाग (PWD) ने मास्टर प्लान तैयार किया है। 315 करोड़ रुपए की लागत से शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में 10 नई सड़को का निर्माण (New roads construction) किया जाएगा। इन सड़को के बनने से न केवल शहर का 'ट्रैफिक मैप' बदल जाएगा, बल्कि वर्षों से धूल और गड्ढों की मार झेल रहे हजारों राहगीरों को बड़ी राहत मिलेगी। विभाग का लक्ष्य इन परियोजनाओं को सत्र 2026-27 तक पूर्ण करने का है।
एक विधानसभा क्षेत्र दूसरे से जुड़ेगा
खास बात यह है कि ये 10 सड़कें सिर्फ कनेक्टिविटी का जरिया नहीं है, बल्कि ये एक विधानसभा क्षेत्र को दूसरी विधानसभा से जोड़ने वाली कड़ी साबित होंगी। वर्तमान में इनमें से अधिकांश सड़कों की हालत बेहद खस्ता है, जिससे आवागमन जोखिम भरा बना हुआ है। पीडब्ल्यूडी अफसरों के मुताबिक, टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और कुछ मुख्य मार्गों पर वर्क ऑर्डर के साथ काम भी शुरू कर दिया गया है।
ग्रामीण विस को बड़ी सौगात: 30 गांव सीधे जुड़ेंगे शहर से
इन परियोजनाओं में सबसे महत्वपूर्ण ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र की दो बड़ी सड़कें हैं (जड़ेरूआ से बहादुरपुर और खुरैरी से गुहीसर)। करीब 130 करोड़ की लागत से बनने वाली ये सड़कें क्षेत्र के 30 से अधिक गांवों को सीधे ग्वालियर मुख्य शहर की सड़कों से जोड़ देंगी। इससे किसानों और ग्रामीणों को मंडी व अस्पताल पहुंचने में लगने वाला समय आधा रह जाएगा।
सावधान, मास्टर प्लान के आड़े आए तो चलेगा पीला पंजा
सड़क निर्माण के साथ ही विभाग ने अतिक्रमणकारियों के खिलाफ भी सख्त रुख अपना लिया है। पीडब्ल्यूडी के अफसरों ने स्पष्ट किया है कि ये सभी सड़कें 'मास्टर प्लान के मानकों के अनुरूप चौड़ी बनाई जाएंगी। निर्माण में बाधा बनने वाले मकान, दुकान या अन्य संपत्तियों को सर्वे के बाद हटाया जाएगा। इसके लिए नगर निगम के साथ मिलकर जल्द ही नोटिस जारी करने की तैयारी है।
अवैध संपत्तियों को हटाया जाएगा
पीडब्ल्यूडी कार्यपालन यंत्री देवेंद्र भदौरिया ने कहा शहर और ग्रामीण सड़कों के लिए वर्क ऑर्डर जारी कर दिए गए हैं। कुछ स्थानों पर काम शुरू भी हो चुका है। ये सड़कें मास्टर प्लान के तहत बनाई जा रही हैं, ताकि भविष्य की जरूरतों को पूरा किया जा सके। सड़क निर्माण के दायरे में आने वाली बाधाओं और अवैध संपत्तियों को हटाया जाएगा।




