Action India
अन्य राज्य

अजीत जोगी का चुनावी कमान संभालने वाले ज्ञानेंद्र की कांग्रेस में वापसी

अजीत जोगी का चुनावी कमान संभालने वाले ज्ञानेंद्र की कांग्रेस में वापसी
X

रायपुर । एएनएन (Action News Network)

पूर्व मुख्यमंत्री स्व. अजीत जोगी के विधायक प्रतिनिधि रहे ज्ञानेंद्र उपाध्याय ने मंगलवार को कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन पहुंचकर प्रदेश उपाध्यक्ष गिरीश देवांगन के समक्ष (जकांछ)जनता कांग्रेस छत्‍तीसगढ़ को छोड़ कांग्रेस में वापसी की। इसके बाद ज्ञानेंद्र उपाध्याय ने मुख्यमंत्री निवास पहुंचकर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से मुलाकात की।

ज्ञानेंद्र उपाध्याय ने कहा क‍ि, मैं पिछले 20 सालो से अजीत जोगी के साथ रहा अब वो इस दुनिया में नहीं है और मैं अमित जोगी के साथ काम नहीं कर सकता हूँ। आज अपनी मूल पार्टी कांग्रेस वापसी कर रहा हूँ।उल्‍लेखनीय है कि, ज्ञानेंद्र उपाध्याय अजीत जोगी के बहुत ही करीबी माने व जाने जाते हैं। अजीत जोगी के चुनाव की कमान ज्ञानेंद्र उपाध्याय के हांथो में ही रहती थी उनका कांग्रेस में वापस जाना जनता कांग्रेस एवं अमित जोगी के लिये बहुत बड़ा झटका है। अब मरवाही में अमित जोगी की राह आसान नहीं है, क्यूँकि अजीत जोगी हो या अमित जोगी मरवाही सिर्फ़ चुनाव लड़ने जाते थे बाक़ी मरवाही विधानसभा का पूरा कार्यभार ज्ञानेंद्र उपाध्याय के द्वारा ही उनकी ओर से सम्भाला जाता रहा है, ज्ञानेंद्र उपाध्याय 1980 से सक्रिय राजनीति में है।

अब ऐसे वक्त में जब अमित जोगी मरवाही से चुनाव लड़ने की तैयारी में है अजीत जोगी के बहुत ही करीबी उनका दाहिना हांथ विधायक प्रतिनिधि का कांग्रेस में शामिल होना मतलब अमित जोगी के लिये ख़तरे की घंटी माना जा रहा है। अब अमित की राह आसान नही है, ज्ञानेंद्र उपाध्याय के साथ छोड़ने से अमित जोगी का पूरा समीकरण गड़बडा जायेगा। विधानसभा चुनाव के पहले अमित जोगी के क्रियाकलापों से खिन्न हो युवा जनता कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष विनोद तिवारी व अन्य ने जनता कांग्रेस छोड़ मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के जन्मदिवस पर कांग्रेस वापसी की थी। आज ज्ञानेंद्र उपाध्याय के कांग्रेस वापसी में भी विनोद तिवारी की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

Next Story
Share it