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टी-20 विश्व कप जीतना अविश्वसनीय था : हरभजन सिंह

टी-20 विश्व कप जीतना अविश्वसनीय था : हरभजन सिंह
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नई दिल्ली । एएनएन (Action News Network)

अनुभवी स्पिन गेंदबाज हरभजन सिंह ने गुरुवार को कहा कि वर्ष 2007 में टी 20 विश्व कप जीतना अविश्वसनीय था और जब भारतीय टीम खिताब जीतकर स्वदेश लौटी तो टीम को लोगों का काफी प्यार मिला। भारत ने वर्ष 2007 के टी 20 विश्व कप के फाइनल में पाकिस्तान को हराकर टूर्नामेंट का उद्घाटन संस्करण जीता था।

हरभजन भारत के पूर्व बल्लेबाज आकाश चोपड़ा के साथ उनके आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर बात कर थे। इस दौरान चोपड़ा ने हरभजन से उनके करियर की तीन बड़ी जीत (ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2001 की श्रृंखला, 2007 टी 20 विश्व कप जीत और 2011 में 50 ओवरों के विश्व कप की जीत) को रेटिंग देने को कहा, इसपर हरभजन ने जवाब दिया, "एक खिलाड़ी के रूप में, मैं ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2001 की सीरीज़ को शीर्ष स्थान पर रखूंगा क्योंकि आज मैं आज जो कुछ भी हूं, इसमें इस सीरीज की बहुत बड़ी भूमिका है।"

हरभजन ने आगे कहा, " मैं बचपन से ही विश्व कप जीतने का सपना देखता था और यह 2011 में सच हुआ।“ उन्होंने कहा,"2007 में टी 20 विश्व कप जीतना अविश्वसनीय था, जब हम भारत में वापस आए, तो हमें लोगों से काफी प्यार मिला, मैंने पहले कभी ऐसा कुछ नहीं देखा था, मैं इन तीन पलों को रेट नहीं कर पाऊंगा क्योंकि सभी मेरे लिए बहुत खास हैं।"
बता दें कि भारत ने 2011 में 28 साल के लंबे अंतराल के बाद एकदिनी विश्वकप का खिताब जीता था। खिताबी मुकाबले में भारत ने श्रीलंका को हराया था। वहीं, ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2001 की श्रृंखला में, हरभजन ने 32 विकेट लिए, जिसमें उन्होंने ईडन गार्डन्स पर हैट्रिक भी ली। भारत ने तीन मैचों की श्रृंखला 2-1 से जीती थी।

वर्ष 2007 में टी 20 विश्व कप के फाइनल में भारत ने टॉस जीता था और उन्होंने पहले बल्लेबाजी करने का विकल्प चुना। भारत ने निर्धारित बीस ओवरों में 5 विकेट पर 157 रन बनाए। भारत के लिए गंभीर ने सबसे ज्यादा 54 गेंदों में 75 रनों की पारी खेली,जबकि रोहित शर्मा ने 30 रन बनाए।
पाकिस्तान की पारी 12वें ओवर तक पहुंचते- पहुंचते लड़खड़ा गई और केवल 77 रनों पर उसके 6 विकेट गिर गए,यहां से मिस्बाह-उल-हक ने पारी को संभाला और पाकिस्तान को मैच में वापस ले आये।

अंतिम ओवर में पाकिस्तान को जीत के लिए 13 रनों की आवश्यकता थी, कप्तान धोनी ने जोगिंदर शर्मा को अंतिम ओवर देने का फैसला किया। मिस्बाह ने भरकस प्रयास किया लेकिन वो पाकिस्तान को जीत नहीं दिला पाए। पाकिस्तानी टीम लक्ष्य से 5 रन पीछे रह गई और भारत ने खिताब अपने नाम कर लिया।

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