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पंचकूला में दीपावली पर नकली मिठाईयों की मंडी तैयार

पंचकूला में दीपावली पर नकली मिठाईयों की मंडी तैयार
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पंचकूला। एक्शन इंडिया न्यूज़


त्यौहारी सीजन के नजदीक आते ही जमाखोरी व मिलवाट खोरी का धंधा बढ़ जाता है। पूरे प्रदेश में नकली मिठाइयों की दुकाने भी सज गई है। मिठाई की दुकानों पर नकली मावा सप्लाई करने वाले एजेंट भी सक्रिय हो गए है। यह मावा राजस्थान व यूपी से बसों के मार्फत सप्लाई होता है। उसके बाद बस स्टैंड से वाहनों के मार्फत मिठाई की दुकानों तक सप्लाई होता है। जिस भी दुकानदार को जितना भी मावा की जरूरत होती है एजेंट दुकान से ही आर्डर ले जाते है।

हर साल हजारों क्विटल नकली मावा पकड़ा जाता है। फेस्टीवल सीजन में मिलावट खोरों का धंधा पूरे जोरो पर चल पड़ा है। मिठाइयों के बनाने के लिए दूध खोया तेल व घी आदि का अत्यधिक उपयोग होता है। जिसको लेकर पंचकूला में दो दर्जन से भी अधिक दुकानों से मिठाइयों के लिए सेंपल लिए गए। औद्योगिक एरिया में एक मिठाई की फैक्टरी को प्रदूषण विभाग ने सील किया है।


फेस्टीवल सीजन के दौरान दूध से बनी मिठाइयों में इस त्योहार के मौसम में बड़े स्तर पर मिलावट कर सिंथेटिक मिठाइयां तैयार की जा रही हैं। जो लोगों के शरीर में प्रवेश कर कई प्रकार के भयंकर बीमारियों को जन्म देती हैं। फैस्टीवल सीजन में दूध और दूध की बनी हुई मिठाइयों से दूर रहें। इन त्योहारों के चलते मिठाइयों की डिमांड इतनी होती है कि कोई भी हलवाई इनको दूध से नही बना सकता क्योंकि दूध की सप्लाई सीमित रहती है। इसलिए यह मिठाइयां सिंथेटिक रूप से मिलावट द्वारा बनाई जाती हैं और हम सब इनका शिकार हो जाते है।

इन त्योहारों के चलते मिठाइयों की डिमांड इतनी होती है कि कोई भी हलवाई इनको दुध से नहीं बना सकता क्योंकि दूध की सप्लाई सीमित रहती है। इसलिए यह मिठाइयां सिंथेटिक रूप से मिलावट द्वारा बनाई जाती हैं और हम सब इनका शिकार हो जाते है।


कंज्यूमर्स एसोसिएशन पंचकूला के प्रधान एनसी राणा व महासचिव वीके शर्मा ने बताया कि शहरों की कालोनियों में तो जोर-शोर से मिलावटखोरी का गोरखधंधा चल रहा है और वहां पर साफ-सफाई का भी कोई ध्यान नहीं रखा जाता। पिछले दिनों औद्योगिक क्षेत्र में एक मिठाई की फैक्टरी को प्रदूषण विभाग ने सील किया है। एसोसिएशन पंचकूला सरकार के सेहत विभाग के संबंधित अधिकारियों को लगातार लिख रही है। डॉक्टरों का कहना है कि मिलावटी खाद्य पदार्थ खाने से अंधापन, लकवा, लीवर में गड़बड़ी तथा टयूमर जैसे खतरनाक समस्याए हो सकती हैं। उन्होंने बताया की मिठाइयों और खोए के 67 प्रतिशत नमूने फेल हो जाते है। मिठाइयों की दुकानों पर छापेमारी कर मिठाईयां नष्ट कराई जाती है। लेकिन दुकानदारों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होती।

जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ.गौरव शर्मा ने बताया कि मिठाई बनाने की फैक्ट्रीयों निरीक्षण किया जा रहा है। दो दर्जन से भी अधिक दुकानों से मिठाइयों के लिए सेंपल लिए गए। खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत खाद्य पदार्थो के नमूने लेकर विश्लेषण के लिए भेजे गए। सभी दुकानदारों को दूषित व बासी मिठाई न बेचने की चेतावनी दी गई ताकि यदि कोई भी दुकानदार दूषित व मिलावटी खाद्य पदार्थ मिठाई बेचता पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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